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छात्र परेशान, ऑनलाइन फार्म भरने में एक और मुसीबत

Sun, 06 Sep 2015 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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एचपीयू से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में लागू सीबीसीएस के छात्रों को अब ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने में एक और नई समस्या खड़ी हो गई है। कॉलेज शिक्षकों की मांग पर व्यावहारिक विषयों को हॉबी विषय के रूप में पढ़ाने की मांग ईसी की बैठक में मानी गई थी। इसकी कॉलेज प्राचार्यों को सही जानकारी नहीं है।
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वहीं, इसकी अधिसूचना भी अब तक एचपीयू की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है। नए हॉबी विषय सूची में व्यावहारिक विषय शामिल करने और इसे कब से पढ़ाए जाने को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। स्टूडेंट्स को भी ऑनलाइन फार्म में संशोधित सूची नजर नहीं आ रही है।

फार्म का वही पुराना फार्मेट ही दिख रहा है। ऐसे में उन्हें हॉबी विषय भरना मुश्किल हो रहा है। रूसा के ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में भी बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में छात्रों के साथ कॉलेजों के शिक्षक भी मुश्किल में हैं। कब यह सूची संशोधित होगी इसको लेकर कोई तय समय नहीं है।
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नए विषयों का क्या सिलेबस होगा और इसका मूल्यांकन कैसे और कब तक किया जाना है, शिक्षकों को भी इसकी सही जानकारी नहीं है। उधर, विवि के प्रो-वीसी प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ईसी के फैसले की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसे लागू करने को लेकर जल्द दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

यह था कार्यकारी परिषद का फैसला- चौदह अगस्त को विवि की कार्यकारी परिषद की बैठक में अकादमिक काउंसिल की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेजों में लागू रूसा सीबीसीएस में शिक्षकों की मांग पर एनसीसी, एनएसएस जैसे व्यावहारिक विषय हॉबी विषयों की सूची में शामिल करने का फैसला लिया गया था। हॉबी विषय की परीक्षा न करवाकर इंटरनल असेसमेंट ही की जानी है। इसके आधार पर मूल्यांकन होना है।

जल्द जारी हों दिशा-निर्देश- संजौली कॉलेज के प्राचार्य डा. जेएस नेगी, कोटशेरा के प्राचार्य डा. आरआर चौहान, आनी के प्राचार्य आरके कायस्थ और कॉलेज शिक्षक संघ (हेगटा) के महासचिव रामलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश विवि हॉबी विषय को लेकर लिए फैसले को लागू करने से संबंधित दिशा-निर्देश जल्द जारी करे। उन्होंने कहा कि अभी तक स्थिति स्पष्ट न होने के कारण छात्रों के साथ शिक्षक भी परेशान हैं।
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