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अब गढ़वाल विवि के भरोसे नहीं रहेगा श्रीदेव सुमन विवि

Fri, 13 Nov 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई टिहरी
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सत्र 2016-17 में श्रीदेव सुमन विवि अपने पाठ्यक्रमों के आधार पर परीक्षाएं कराएगा। अब तक श्रीदेव सुमन विवि गढ़वाल विवि के पाठ्यक्रमों के आधार पर ही परीक्षाएं कराता आ रहा था। बीकॉम, एमकॉम और बीबीए का पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विवि प्रशासन ने एक कमेटी गठित की है। कमेटी एक माह में पाठ्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर विवि को रिपोर्ट सौंप देगी।
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श्रीदेव सुमन विवि वर्ष 2012 में अस्तित्व में आ गया था। कार्य परिषद और विद्या परिषद का गठन नहीं होने से विवि अपना पाठ्यक्रम निर्धारित नहीं कर पाया। चार वर्षों से गढ़वाल विवि के ही पाठ्यक्रमों के आधार पर स्नातक और स्नातकोत्तर की प्राइवेट परीक्षाएं आयोजित होती रही हैं।

नया पाठ्यक्रम तैयार करने के बाद उसे विद्या परिषद में अनुमोदित होना जरूरी है। विवि में विद्या परिषद गठित नहीं होने से विवि अब तक अपना पाठ्यक्रम तैयार करने से बचता रहा।
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पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए कमेटी गठित

अब सत्र 2016-17 से विवि ने बीकॉम, एमकॉम और बीबीए में अपना पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विवि प्रशासन ने दिल्ली विवि के प्रो. डीपीएस वर्मा, गढ़वाल विवि के प्रो.आरसी डंगवाल, प्रो. एके पांडेय और पंजाब विवि के प्रो. शर्मा की चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। विवि के एक्ट में व्यवस्था है कि विद्या परिषद के अभाव में कुलाधिपति नए पाठ्यक्रमों को अनुमोदन दे सकते हैं।

इनका है कहना
बीकॉम, एमकॉम और बीबीए पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की जा चुकी है। नए पाठ्यक्रम में 80 प्रतिशत पाठ्यक्रम यूजीसी का होगा। 20 प्रतिशत पाठ्यक्रम ही कमेटी को तैयार करना है।ॉ
-डॉ. यूएस रावत कुलपति श्रीदेव सुमन विवि
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