टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी में इस बार दो काउंसिलिंग होने के बाद भी बीटेक की विभिन्न ट्रेडों में 76 सीटें खाली पड़ी हैं।
इन सीटों को भरने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने विवि के निर्देश पर बिना जेईई एडवांस की प्रवेश परीक्षा दिए ही इंटर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को स्पॉट काउंसिलिंग के माध्यम से भरने की तैयारी शुरू कर दी है। 16 सितंबर से काउंसिलिंग के लिए आवेदन बिक्री शुरू हो गई है। 24 सितंबर को काउंसिलिंग कर प्रवेश दिए जाएंगे।
भागीरथीपुरम स्थित हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग कॉलेज में पिछले वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या घटी है। वर्ष 2012 से इंस्टीट्यूट में शुरू हुई बीटेक की पांच ब्रांच में 60-60 सीटें संचालित की जा रही है।
इन तीन वर्षों में इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेने के लिए छात्रों में होड़ लगी रहती थी, लेकिन इस बार दो दौर की काउंसिलिंग होने के बाद भी 76 सीटें खाली रही है। जिसके चलते उत्तराखंड तकनीकी विवि को खाली सीटों को भरने के लिए स्पॉट काउंसिलिंग को मजबूर होना पड़ा। अब बिना जेईई एडवांस की प्रवेश परीक्षा के ही इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
इसके लिए 16 से 22 सितंबर तक आवेदन पत्र जमा किए जाएंगे। 24 सितंबर को अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग कर सीटे आवंटित की जाएगी। प्रवेश नहीं लेने के पीछे माना जा रहा है कि इंस्टीट्यूट में 2014 में छात्रावास, शैक्षणिक प्रबंधन ठीक नहीं रहने, शिक्षकों की कमी सहित अन्य समस्याओं को लेकर छात्रों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी है।
कंप्यूटर साइंस में 20, मैकेनिकल में 10, इलैक्ट्रीकल कम्युकेशन 33, इलेक्ट्रोनिक्स 14 और सिविल की 9 सीटों के लिए स्पॉट काउंसिलिंग होगी। प्रवेश के बाद अभ्यर्थियों को करीब 31 हजार पांच सौ रुपए शुल्क प्रति सेमेस्टर देना होगा।
बीटेक की खाली 76 सीटों को भरने के लिए 24 को स्पॉट काउंसिलिंग की जाएगी। इसके लिए अभ्यर्थी 16 से 22 सितंबर तक आवेदन जमा कर सकते हैं। कॉलेज में शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- डीके कोले, उप कुलसचिव, हाइड्रो इंस्टीट्यूट भागरथीपुरम