इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ में शुक्रवार को भावी प्रबंधक मस्ती के मूड में दिखे। कल्चरल व स्पोर्ट्स फेस्ट वर्चस्व-2013 के रंगारंग आगाज के साथ शुरू हो गई स्पोर्ट्स और अन्य प्रतियोगिताएं जीतने की होड़।
राष्ट्रीय कथक संस्थान के कलाकारों ने मुंशी प्रेमचंद के नाटक ईदगाह के मंचन से तो ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों ने अपने नृत्य से सबका मन मोह लिया।
आशाएं एनजीओ के तत्वावधान में ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों ने मंच पर आए तो सभी ने उसका इस्तकबाल जोरदार तालियों से किया।
नन्हे-मुन्नों ने ‘चंदा, सूरज, लाखों तारे हैं तुम्हारे तो फिर किस बात की हैं तकरारें’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया।
कन्वोकेशन ग्राउंड पर आयोजित इस नाइट समावेश का सभी ने खूब लुत्फ उठाया। इसके बाद यहां पर राष्ट्रीय कथक संस्थान के कलाकारों ने मुंशी प्रेमचंद के नाटक ईदगाह का मंचन किया।
इससे पहले वर्चस्व का उद्घाटन सामंजस्य हॉल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चीफ जनरल मैनेजर सुधीर दुबे ने किया।
उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय कल्चरल व स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मौज-मस्ती के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे।
100 से ज्यादा संस्थानों के स्टूडेंट्स ले रहे हिस्सा
वर्चस्व-2013 में हिस्सा लेने के लिए देश भर से प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों के अलावा, आईआईटी, एमडीआई गुडगांव, निफ्ट सहित करीब 100 से अधिक संस्थानों के स्टूडेंट हिस्सा लेने पहुंचे।
रॉक बैंड ने मचाया धमाल
कार्यक्रम उतरंग के अंतर्गत देर रात हिन्दी रॉक बैंड ने भी खूब धमाल मचाया। इसमें दिल्ली के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज, वीरेन्द्र स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ कम्प्यूटर स्टडीज, भातखंडे संगीत सम विश्वविद्यालय व केकेसी के स्टूडेंट के बैंड के अलावा शहर बैंड ने खूब धूम मचायी।
रोचक हुए गेम्स के मुकाबले
इधर मंच पर गीत-संगीत की तान छिड़ी हुई थी तो उधर मैदान में फुटबॉल सहित विभिन्न गेम्स में मुकाबले जारी थे। वहीं लिटरेरी गैडियर, डम्ब शेराडे सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। ऑनलाइन गेम्स में सीएस 1.6, एओई 2 और एनएफएस मोस्ट वांडेड व डोटा गेम में रोचक मुकाबले देखने को मिले।
फॉर्मूला वन रेस कार का जलवा
सहारा रेस इंडिया की ओर से फॉर्मूला वन टीम चुनने के लिए वर्चस्व में एक विशेष प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसमें फॉर्मूला वन रेस में प्रयोग की जाने वाली कार रखी गई है और यहां पर नौ-नौ स्टूडेंट के ग्रुप को प्रतियोगिता में हिस्सा लेना होता है। इसके तहत उन्हें इस कार के चारों पहियों के नट व बोल्ट निकालने और फिर लगाना होता है। इसमें स्टूडेंट के बीच काफी रोचक मुकाबला देखने को मिला। सहारा के अभिषेक ने बताया कि वह नौ अलग-अलग संस्थानों में इस फॉर्मूला वन रेस कार को लेकर जाएंगे और जो स्टूडेंट सेकेंड में इस काम को सबसे पहले कर लेगा। उन नौ लोगों की टीम को 2014 में मलेशिया में होने वाले फॉर्मूला वन रेस देखने का मौका दिया जाएगा।