आईपी यूनिवर्सिटी में हर साल की तरह इस बार भी काउंसलिंग में देरी हो रही है। पहली बार 12 डिग्री प्रोग्राम में ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू करने की घोषणा के बाद लगातार शेड्यूल बदलने के चलते छात्र परेशान हैं।
छात्रों के सवालों से बचने के लिए अब यूनिवर्सिटी प्रशासन स्पेशल ओपन डेज शुरू करने जा रहा है, जबकि पहले ही ओपन डेज के नाम पर छात्रों को काउंसलिंग प्रक्रिया की सारी जानकारी दी जा चुकी है। परेशान छात्र अब कैंपस में विरोध दर्ज करवाते हुए हेल्पलाइन पर सीट अलॉटमेंट की जानकारी मांग रहे हैं।
द्वारका स्थित आईपीयू कैंपस में काउंसलिंग प्रक्रिया की देरी के चलते वर्ष 2012-13 में सत्र देरी से शुरू होने पर दिल्ली सरकार ने प्रबंधन को फटकार लगाई थी।
सत्र 2014-15 में दाखिले के लिए यूनिवर्सिटी ने विभिन्न प्रोग्राम में आवेदन पत्र समय से लेते हुए संयुक्त प्रवेश परीक्षा और रिजल्ट तो समय तो करवा दिए, लेकिन काउंसलिंग में फिर मामला अटक गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी प्रबंधन को अभी तक तकनीकी डिग्री प्रोग्राम में सीट समेत कोर्स की स्टेटस रिपोर्ट नहीं मिली है। गलती चाहे दिल्ली सरकार या फिर एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) की हो, खामियाजा छात्रों को ही भुगतना पड़ेगा। क्योंकि काउंसलिंग में देरी के चलते अधिकतर छात्र सीट के लिए परेशान रहते हैं।
अगर सीट अलॉटमेंट नहीं होती है तो फिर उनके पास दूसरे विश्वविद्यालयों में दाखिले का विकल्प उपलब्ध रहता है, लेकिन देरी के चलते उन्हें सभी जगह भागना पड़ता है। आईपीयू के हेल्पलाइन पर छात्रों के प्रतिदिन लगभग दो से तीन हजार फोन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी के लिए आ रहा है।
14 जून से स्पेशल ओपन डेज
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, सभी सीईटी क्वालीफाई छात्रों के लिए कैंपस में तीन दिवसीय स्पेशल ओपन डेज शुरू किए जा रहे हैं, जिसमें सभी ऑनलाइन काउंसलिंग के बारे में बताया जाएगा। स्पेशल ओपन डेज शाम चार से छह बजे तक चलेगा। छात्र चाहें तो स्पेशल ओपन डेज के अलावा हेल्पलाइन और ईमेल आईडी पर भी प्रश्न पूछ सकते हैं। स्पेशल ओपन डेज में विश्वविद्यालय के सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहेंगे, जोकि ऑनलाइन काउंसलिंग से जुड़े छात्रों के सवालों के जवाब देंगे।