केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तर्ज पर शिक्षा निदेशालय ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को परीक्षा के दौरान स्पेशल कोचिंग देने की व्यवस्था की है।
दो विषयों के पेपर में मिलने वाले अंतराल में कोचिंग फेस-टू-फेस दी जाएगी। इतना ही नहीं कमजोर बच्चों के अभिभावक भी शिक्षकों से संपर्क कर इसका लाभ ले सकते हैं।
शिक्षा निदेशक पद्मनी सिंघला के मुताबिक, बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। ऐसे में छात्रों की परीक्षा के अंतिम समय में होने वाली कठिनाई और सवालों का हल किया जाना जरूरी है। लिहाजा सभी विषयों के शिक्षकों परीक्षाओं के दौरान स्कूल में उपस्थित रहेंगे।
निदेशालय ने कहा है कि परीक्षा के दौरान टीचर बच्चों के संपर्क में रहेंगे। इसकी जानकारी 12वीं के बच्चों को दी जानी चाहिए। वहीं, 12वीं के कमजोर छात्रों के लिए भी व्यवस्था की गई है। निदेशालय ने इस तरह की व्यवस्था पहली बार की है।
स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि कमजोर छात्रों के अभिभावकों को टेलीफोन और अन्य माध्यमों के जरिए शिक्षकों के उपस्थित रहने की सूचना अलग से भेजी जाए। जिससे अभिभावक अपने बच्चे के सवालों और परेशानियों के जवाब शिक्षकों से ले सकें।
उल्लेखनीय है कि अब तक निदेशालय की ओर से परीक्षा से पहले अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाती थीं। दरअसल, निदेशालय बीते सालों में परीक्षाओं के दौरान सरकारी स्कूल के बच्चों के प्रदर्शन से काफी उत्साहित है। लिहाजा इस बार भी निदेशालय रिजल्ट से समझौता नहीं करना चाहता है।