यूपी बोर्ड के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक सावधान हो जाएं। यदि कोई विद्यालय प्रबंधक या संचालक यूपी बोर्ड की 9वीं व 11वीं कक्षा में छात्रों का पंजीकरण कराने का दावा कर रहे है तो वह सिर्फ झांसा दे रहा है।
ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। अब कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्कूलों द्वारा अभिभावकों को नौंवी व 11वीं कक्षाओं में छात्रों के पंजीकरण कराने का आश्वासन दिए जाने की शिकायतों के बीच शिक्षा विभाग की ओर से यह सूचना जारी की गई है।
सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक जेके वर्मा ने बताया कि एक अक्तूबर रात 12 बजे ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। बोर्ड ने सभी जिलों में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अनिवार्य कर दी है। इसलिए कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यदि अब कोई भी पंजीकरण कराने का दावा करता है तो उसकी शिकायत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में करें। उधर शिक्षा विभाग के अधिकारी यूपी बोर्ड में कक्षा 9 और 11 में 200 से ज्यादा छात्रों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने वाले स्कूलों की जांच सोमवार से करेंगे।
इन स्कूलों की जांच के लिए राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की पांच टीमें बनाई गई हैं। ये एक सप्ताह में अपनी जांच रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंप देंगे।
राजधानी के 40 से ज्यादा ऐसे स्कूल है जिन्होंने अपने यहां पर कक्षा 9 व 11 में 200 से ज्यादा छात्रों के रजिस्ट्रेशन दिखाए हैं। सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक जेके वर्मा ने बताया कि इन सभी कॉलेजों की जांच के आदेश दे दिए गए है।
सोमवार से जांच टीमें इन स्कूलों का निरीक्षण करेगी और पर चेक करेगी कि उनके यहां इतने छात्रों के बैठने की व्यवस्था है भी या नहीं।
इसके अलावा टीमें छात्रों की संख्या भी जांचेगी कि जितने छात्र रजिस्टर्ड कराए गए हैं उतने छात्र कॉलेज आते भी हैं या नहीं। जेके वर्मा ने बताया कि जिस कॉलेज ने भी विभाग को गलत सूचना दी होगी। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।