दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में बीते महीने से कक्षाएं तो शुरू हो गई, लेकिन छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। क्लासरूम की कमी के चलते ज्यादातर छात्रों को कक्षा में जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ती है।
अब छात्रों ने जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने से इनकार कर दिया है। क्लासरूम और कक्षाओं की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को छात्रों के एक समूह ने एसओएल पदाधिकारियों से मुलाकात की।
क्रांतिकारी युवा संगठन दिल्ली कमेटी के सदस्य सुभाष के मुताबिक अभी तक क्लासरूम के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें नीचे बैठकर पढ़ना पड़ता है।
दूर से आने वाले छात्र कक्षा में जगह नहीं मिलने के कारण हताश होकर वापस लौट जाते हैं। सोमवार को इसके विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने एसओएल के कार्यकारी निदेशक एच. सी. पोखरियाल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं के बारे में जानकारी दी और ज्ञापन सौंपा।
छात्रों ने ज्ञापन में मांग की है कि क्लासरूम की व्यवस्था की जाए, जिससे आराम से कक्षा में बैठकर पढ़ सकें। साथ ही कक्षाओं के दिन की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाए, क्योंकि कोर्स पूरा करने के लिए 10-13 दिन की कक्षाएं अपर्याप्त हैं। सभी छात्रों के लिए ऑल रूट बस पास की सुविधा दी जाए। छात्रों के मुताबिक कार्यकारी निदेशक ने कक्षाओं की संख्या बढ़ाने का आश्वासन दिया है।