राजधानी में यूपी बोर्ड से संबद्ध छह इंटर कॉलेज कहीं गायब हो गए हैं। सुनने में यह अटपटा जरूर है लेकिन यही हकीकत है।
स्कूलों के अचानक गायब होने की सूचना के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
संपर्क करने की सभी कोशिशों के नाकाम होने के बाद बृहस्पतिवार को इन स्कूलों की तलाश में ऑपरेशन सर्च शुरू किया गया।
इसकी जिम्मेदारी सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई है। जांच टीम विभागीय दस्तावेज में दर्ज स्कूलों के पते पर जाकर जांच करेगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के दस्तावेज में शैक्षिक सत्र 2013-14 में 687 स्कूल दर्ज हैं। इन स्कूलों से छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होने हैं।
इसके लिए बोर्ड ने सभी स्कूलों को यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए थे। प्रदेशभर में पहली बार लागू ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को सफल बनाने के लिए बोर्ड की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
एक सप्ताह पहले बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू न करने वाले कुछ स्कूलों की सूची जारी की थी।
इसके साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक को इन स्कूलों को नोटिस जारी कर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में शामिल न होने के पीछे के कारणों को स्पष्ट करने को कहा गया।
इन 13 स्कूलों को दिए गए थे नोटिस
पिछले दिनों करीब 13 स्कूलों को नोटिस दिए गए। इसमें राजाजीपुरम का शांति शिक्षा मंदिर, करौरा का मायादेवी हाईस्कूल, मानक नगर का वेल्दी फिशर चिल्ड्रन हाईस्कूल, सरोजनी नगर का बाल विद्या मंदिर, कनौसी का जेके पब्लिक स्कूल, गोलागंज का हीरोज मेमोरियल हाईस्कूल और मोहिब्बुलापुर का रानी अवंतीबाई इंटर कॉलेज, आशुतोष पब्लिक स्कूल दुबग्गा, लखनऊ कॉन्वेंट कॉलेज, क्वीन इंटर कॉलेज, एसएम पब्लिक स्कूल अलीगंज, हारो पब्लिक स्कूल और फातिमा जहरा स्कूल शामिल हैं।
पहले सात स्कूलों ने नोटिस मिलने के बाद सूचना उपलब्ध करा दी लेकिन बाकी स्कूलों को भेजे गए नोटिस वापस आ गए। इन स्कूलों के बिना सूचना बंद हो जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी गायब हो चुके हैं स्कूल। पिछले सत्र में भी आशुतोष इंटर कॉलेज और फ्यूचर फाउंडेशन स्कूल के गायब होने की सूचना मिली थी।
विभागीय दस्तावेज में फ्यूचर फाउंडेशन स्कूल का संचालन सरफराजगंज के इराज मेडिकल कॉलेज के पास और आशुतोष पब्लिक स्कूल का दुबग्गा में किया जा रहा था।
इन दोनों स्कूलों के गायब होने की सूचना के बाद विभागीय जांच शुरू की गई जिसमें आशुतोष इंटर कॉलेज काकोरी में और फ्यूचर फाउंडेशन गौशाला रोड पर चलता पाया गया।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के नियमों के अनुसार किसी भी स्कूल को मान्यता उसके भवन, भूमि और अन्य स्थितियों को देखकर दी जाती है, इसलिए बिना अनुमति स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट करने की व्यवस्था नहीं है।