लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों को अपने किसी भी काम के लिए इधर-उधर भटकना
नहीं पड़ेगा।
स्कॉलरशिप, डिग्री, रेलवे टिकट में कंसेशन और माइग्रेशन
सर्टिफिकेट सहित सभी काम की सुविधाएं उन्हें सिंगल विंडो पर मिलेंगी। साथ
ही इन सभी काम को पूरा होने में लगने वाले वक्त की भी जानकारी मिलेगी।
इसका
पूरा टाइम टेबल तैयार किया जाएगा और इसे काउंटर और कैंपस में जगह-जगह
डिसप्ले भी किया जाएगा। इतना ही नहीं, अगर कर्मचारियों ने काम करने में
किसी तरह की लापरवाही की तो उन पर पेनाल्टी भी लगाई जा सकती है।
छात्रों को
बेहतर सुविधाएं उलब्ध कराने के लिए पूरा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है
जिससे उनका समय ऑफिस के चक्कर लगान में खराब न हो और वे अपना ज्यादा से
ज्यादा समय क्लासरूम और लाइब्रेरी में दें।
लविवि
के डिप्टी रजिस्ट्रार संजीव कुमार सिंह को सिंगल विंडो सिस्टम को बेहतर
ढंग से लागू करवाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का काम सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि अभी इस पर काम चल रहा है और हम इसे जल्द ही अमली जामा
पहनाने की कोशिश करेंगे। सिंगल विंडो सिस्टम लागू होने के बाद छात्रों के
काम प्राथमिकता के आधार करवाए जाएंगे।
मालूम हो कि अभी तक छात्रों की
शिकायत रहती है कि उन्हें मार्कशीट में करेक्शन, डिग्री और प्रोविजनल हासिल
करने के लिए हफ्तों ऑफिस के चक्कर काटने पड़ते हैं।
स्कॉलरशिप के लिए भी
जेआरएफ और एसआरएफ पास अभ्यर्थियों को चक्कर लगाने होते हैं और कई बार समय
पर स्कॉलरशिप का चेक न मिलने की भी शिकायत मिलती रही है।
डिग्री सेक्शन में
तो कई बार छात्रों की कर्मचारियों से लड़ाई तक हो जाती है। हाल में ही
अलीगढ़ से डिग्री बनवाने के लिए आ रहे एक छात्र ने कर्मचारियों की लापरवाही
से आजिज आकर मामले की शिकायत रजिस्ट्रार से की थी।
डिप्टी रजिस्ट्रार ने
बताया कि अब सिंगल विंडो सिस्टम लागू होने के बाद जो नियम लागू होंगे, उसके
तहत अगर कोई कर्मचारी छात्र को काम के लिए टरकाएगा तो उसे पेनाल्टी भरनी
होगी। विवि समीक्षा के लिए निगरानी कमेटी भी बनाएगा।