श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, लेडी श्री राम कॉलेज जैसे संस्थानों से शिक्षा जगत में अलग पहचान कायम करने वाले श्रीराम एजूकेशन ट्रस्ट ने एजूकेशन हब देहरादून में अपनी दस्तक दे दी है।
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ट्रस्ट की ओर से शिमला रोड पर स्कूल की स्थापना की गई है, जिसका सत्र अप्रैल 2014 से शुरू होने जा रहा है। ट्रस्ट के संचालकों का दावा है कि वह दून में शुद्ध डे बोर्डिंग की सुविधा लेकर आए हैं।
स्कूल के मानकों पर बात की
गुरुवार को ट्रस्ट की ओर से निरंजनपुर स्थित एक होटल में ‘लर्निंग फॉर टूमारो’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में एक ओर जहां संचालकों ने स्कूल द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी तो दूसरी ओर अभिभावकों से भी एक बेहतर स्कूल के मानकों पर बात की।
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एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जयंत हरिहर लाल ने कहा कि यहां हम सिर्फ इंजीनियर और डॉक्टर ही नही बनाएंगे बल्कि बच्चे का पूर्ण विकास करेंगे। उनका मकसद ऐसे बच्चे तैयार करना है, जो यहां से पासआउट होने के बाद संस्कारवान और कामयाब हों।
विशेष सिलेबस तैयार
कहा कि स्कूल में दी जाने वाली शिक्षा बच्चे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दी जाएगी। अकादमिक निदेशक कादंबरी मट्टू ने बताया कि श्रीराम सेंटेनियल में बच्चों को तकनीकि शिक्षा देने के लिए भी एक विशेष सिलेबस तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से बच्चों की स्किल्स को बाहर लाया जा सके।
हेड मिनिस्ट्रेस नताशा नंदी बाठला ने बताया कि उनका स्कूल सीआईएससीई और इंटरनेशनल बोर्ड से मान्यता प्राप्त है ताकि बच्चे को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य की बेहतर एजूकेशन दी जा सके।
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इस मौके पर निदेशक गौरव गर्ग, प्रिंसिपल संजीव वाथला, ग्रुप के अध्यक्ष अनिल कुमार गर्ग, अर्चना शर्मा आदि मौजूद रहे।
दून से लगाव
ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल कुमार गर्ग ने बताया कि उनका दून से खास लगाव है। उनका जन्म देहरादून में ही हुआ था। बताया कि ट्रस्ट की ओर से आगरा, भोपाल, दिल्ली, गुड़गांव, इंदौर, पटना, रोहतक और तारापुर में पब्लिक स्कूल संचालित किए जा रहे हैं।