अब डॉ. शकुंतला विश्वविद्यालय कॉलेजों को संबद्धता भी प्रदान करेगा।
विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में ये फैसला
लिया गया है।
संबद्धता के लिए आवेदन करने वाले कॉलेजों को विवि की नियमावली
और उसमें दी गई शर्तों का पालन करना होगा। संबद्धता लेने वाले कॉलेजों को
सामान्य शिक्षा व विशेष शिक्षा के पाठ्यक्रम के संचालन करने की स्वतंत्रता
होगी।
एक अन्य अहम फैसले में विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन पर भी मुहर लग
गई है। अब उत्तर प्रदेश विकलांग उद्धार डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय
को सिर्फ डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा।
कार्य
परिषद ने विश्वविद्यालय द्वारा डिस्टेंस लर्निंग पाठ्यक्रमों के संचालन
करने का भी फैसला लिया है। जल्द ही इसकी रूपरेखा तैयारी की जाएगी।
बढ़ गई जिम्मेदारी
सूत्रों
के अनुसार विवि के विभिन्न विभागों के पाठ्यक्रमों को इंडस्ट्री के अनुरूप
बनाने के लिए इनका इन्हें एडवांस किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय
पुनर्वास परिषद की ओर से देश भर में संचालित डिप्लोमा और अन्य पाठ्यक्रमों
की केंद्रीय परीक्षा की जिम्मेदारी भी विवि के पास रहेगी।
एक अन्य फैसले
में विवि के नए हॉस्टल में मेस की सुविधा देने के साथ ही छात्र कल्याण
समिति की नई नियमावली भी तय की जाएगी। विवि में पुनर्वास केंद्र और जनशक्ति
विकास एवं विक लांगता केंद्र की स्थापना भी होगी।
इसके लिए विशेषज्ञ
शिक्षाविद् का पद सृजित किया गया है। जिस पर सेवानिवृत्त शिक्षक की
नियुक्ति की जाएगी। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के पद नाम में भी परिवर्तन किए
गए हैं। अब रीडर को एसोसिएट प्रोफेसर और लेक्चरर को असिस्टेंट प्रोफेसर के
नाम से जाना जाएगा।
शुरू होंगे नए कोर्स विवि
ने यूके के एक विवि के साथ मिलकर कुछ नए कोर्सेज के संचालन पर भी मुहर
लगाई है। इसमें बैचलर्स ऑफ प्रिप्रेशन प्रोग्राम फॉर डेफ स्टडी, बीएससी
स्पीच एंड हियरिंग, एमएससी ऑडियोलॉजी, एमएससी स्पीच लर्निंग पैथोलॉजी और
बीए इन एप्लाइड साइन लैंग्वेज शामिल है।