उप्र विकलांग उद्धार डॉ. शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी में नए केन्द्र खुलेंगे और नए कोर्स चलाए जाएंगे। यूनिवर्सिटी प्रशासन नए सत्र से काफी कुछ नया करने जा रही है।
इसका खाका तैयार कर लिया गया है और अब इसे कार्यपरिषद में पास करवाया जाएगा। राजधानी में यह ऐसी यूनिवर्सिटी है जहां पर विकलांग छात्रों को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं।
इसके अलावा सामान्य छात्रों को भी अच्छी सुविधाएं मिलती हैं। अब नए सत्र में यूनिवर्सिटी दो नए सेंटर स्थापित करेगी और बीकॉम एलएलबी ऑनर्स का पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करेगी।
इसका फायदा स्टूडेंट्स को मिलेगा वह कानून की पढ़ाई के साथ-साथ कॉमर्स भी पढ़ सकेंगे। सरकारी यूनिवर्सिटी में इस तरह का इंटीग्रेटेड कोर्स चलाने वाली यह पहली यूनिवर्सिटी होगी।
डॉ. शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज में इंटरडिस्प्रिलनरी रिसर्च करवाया जाएगा। इसमें अर्थशास्त्र के अलावा राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, विज्ञान जैसे विषयों के स्टूडेंट भी रिसर्च कर सकेंगे और यहां पर डीलिट भी हो सकेगी।
इसके अलावा यहां पर मास्टर ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज का कोर्स भी शुरू होगा। यानि स्टूडेंट्स को पीजी लेवल की पढ़ाई करने का भी मौका मिलेगा।
वहीं सेंटर फॉर रिहैबिलिटेशन में विकलांग लोगों के पुनर्वास, विकास के कारण लोगों का होने वाला पुनर्वास और जनजातियों के पुनर्वास पर अध्ययन किया जाएगा।
कुलपति प्रो. निशीथ राय ने यूनिवर्सिटी के डीन एकेडमिक्स प्रो. एपी तिवारी को नए केन्द्र व कोर्स शुरू करने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रो. एपी तिवारी ने कहा कि सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज में पर्यावरण, जेंडर इश्यू, मौद्रिक नीति, क्षेत्रीय विकास और पिछड़ेपन के क्या कारण हैं, इस पर रिसर्च की जाएगी।
हम इस सेंटर के माध्यम से इन सभी चीजों का मूल्यांकन कर रिसर्च रिपोर्ट तैयार करेंगे। प्रो. तिवारी ने बताया कि सेंटर फॉर साइन लैंग्वेज भी जल्द खुल जाएगा।
लंकाशायर यूनिवर्सिटी के साथ होने वाले एमओयू को तैयार किया जा रहा है। अप्रैल में लंकाशायर यूनिवर्सिटी में साइन लैंग्वेज स्टडीज की प्रोफेसर जेशान के होने वाले दौरे में इसे भी अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
यहां पर साइन लैंग्वेज में एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स व पीजी स्तर का कोर्स शुरू होगा। साइन लैंग्वेज मूक-बधिर स्टूडेंट्स की पढ़ाई के लिए तैयार करवायी जाएगी।
यहां से अन्य संस्थानों को भी मदद देने के लिए किताबें तैयार की जाएंगी। फिलहाल डॉ. शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी ने सत्र 2014-15 में स्टूडेंट्स को विशेष सुविधाएं देने की पहल शुरू कर दी है।