स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को दस मई तक रूसा के तहत पहले सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित करने का अल्टीमेटम दे दिया है। सोमवार को एसएफआई ने राजधानी शिमला सहित जिला के सभी कालेजों में विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
एसएफआई के जिला अध्यक्ष चंद्रकांत वर्मा ने बताया कि सोमवार को कोटशेरा, संजौली कालेज, ठियोग, रामपुर, रोहड़ू और नेरवा सहित जिला के अन्य कालेजों में धरना प्रदर्शन किया गया। धरने प्रदर्शन के बाद एसएफआई ने कालेजों के प्रधानाचार्यों को ज्ञापन भी सौंपे।
अध्यक्ष ने बताया कि कालेजों में रूसा लागू होने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 25 दिनों के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित करने का दावा किया था, लेकिन चार महीने बाद भी पहले सेमेस्टर का परिणाम घोषित नहीं हो पाया है।
एसएफआई के जिला अध्यक्ष चंद्रकांत वर्मा के अनुसार विश्वविद्यालय प्रबंधन ने रूसा प्रणाली लागू कर छात्रों के लिए समस्या खड़ी कर दी है। सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने को हैं और अभी तक पहले सेमेस्टर का परिणाम ही नहीं निकला है।
परिणाम न निकलने के कारण कंपार्टमेंट को लेकर भी छात्र असमंजस में हैं। एसएफआई के जिला अध्यक्ष प्रेम कायथ ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन यदि 10 मई से पहले परीक्षा परिणाम घोषित नहीं करता तो तमाम छात्र समुदाय को लामबंद कर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा, और इसके लिए पूरी तरह विश्वविद्यालय प्रबंधन जिम्मेवार होगा।
एक महीने की छुट्टी का क्या मतलब
एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से परीक्षाओं से ठीक पहले एक महीने की छुट्टियां करने का कारण पूछा है।
एसएफआई का मानना है कि छात्रों को गुमराह करने के लिए छुट्टियों की चाल चली गई है। एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से 10 मई से 10 जून तक प्रस्तावित छुट्टियां रद् करने की मांग की है।