यूपी बोर्ड की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर स्कूलों की दादागिरी बरकरार है। बोर्ड के बार-बार कहने और अंतिम दिन पास होने के बावजूद राजधानी के 17 स्कूलों ने इस प्रक्रिया में भाग ही नहीं लिया है।
नतीजतन, यहां पढ़ने वाले बच्चे 2015 की बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। राजधानी ही नहीं, प्रदेशभर के 346 स्कूलों ने अब तक रजिस्ट्रेशन की शुरुआत भी नहीं की है।
जबकि आवेदन प्रक्रिया खत्म होने में सिर्फ 48 घंटे ही बचे हैं। यूपी बोर्ड की सूची में राजधानी के 687 स्कूल दर्ज हैं।
सूचना के मुताबिक राजधानी के 17 स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन के लिए यूजर आईडी का एक बार भी इस्तेमाल नहीं किया है।
इसमें कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जो सिर्फ विभागीय दस्तावेज में ही चल रहे हैं। तीन स्कूलों ने यूजर आईडी का इस्तेमाल कर वेबसाइट पर लॉगिन तो किया लेकिन रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं किए हैं।
इधर, 44 स्कूल ऑनलाइन रजिस्ट्रेाशन प्रक्रिया में है और 621 ने इसे पूरा भी कर लिया है।
ये स्कूल नहीं हुए शामिल
दिगंबर जैन इंटर कॉलेज, मां गांधी इंटर कॉलेज चौक, रानी अवंतीबाई हायर सेकंडरी स्कूल, ब्राइट स्टार कॉन्वेंट कॉलेज, लखनऊ कॉन्वेंट स्कूल, क्वींस कॉन्वेंट कॉलेज, जीपी मॉण्टेसरी हाईस्कूल, हीरोज मेमोरियल हायर सेकंडरी स्कूल, चंदा आदर्श पब्लिक स्कूल, कनौसा गर्ल्स इंटर कॉलेज, जवाहर सर्वोदय गर्ल्स कॉलेज, सिद्धार्थ पब्लिक हाईस्कूल, यूनिक मॉण्टेसरी गर्ल्स हाईस्कूल, आशुतोष मेमोरियरल स्कूल, महात्मा बुद्ध मेमोरियल स्कूल, हारो पब्लिक हाईस्कूल, एसएम स्कूल, न्यू ग्रीनवे, व्हाइट हॉल पब्लिक स्कूल, फातिमा जहरा हाईस्कूल और रामा कॉन्वेंट कॉलेज।
पिछड़े जिले रहे बेहतर
प्रदेशभर में 21,855 में से 346 स्कूलों ने एक बार भी आवेदन में भाग नहीं लिया। इस प्रक्रिया में पीछे रहने वालों में अलीगढ़, हरदोई, आजमगढ़, मैनपुरी, मुजफ्फरनगर, अमेठी जैसे आसपास के ज्यादातर जिले शामिल रहे जबकि सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, बलरामपुर, श्रावस्ती, महोबा, ललितपुर, हमीरपुर जैसे पिछड़े माने जाने वाले पूर्वांचल और बुंदेलखंड के जिलों का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है।