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'पीयू में भी होती है छेड़छाड़, प्रोफेसर करते हैं यौन शोषण'

Thu, 05 Mar 2015 04:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी में कई छात्राओं ने यह बयान देकर चौंका दिया कि उनके साथ कैंपस में छेड़छाड़ होती है साथ ही प्रोफेसर भी यौनशोषण करते हैं। दरअसल पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र संगठन स्टूडेंट फॉर सोसाइटी(एसएफएस) के सर्वे से पीयू की छात्राओं ने यह बयान दिया है।
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सर्वे के अनुसार 71 फीसदी से ज्यादा छात्राओं ने यह माना है कि कैंपस में उनसे छेड़छाड़ होती है। 18 फीसदी से ज्यादा ने प्रोफेसरों द्वारा यौन उत्पीड़न की बात कही है।

पीयू कैंपस में एसएफएस ने यौन शोषण और लैंगिक भेदभाव को लेकर यह सर्वे किया था और 500 लड़कियों से बातचीत की। इस सर्वे ने पीयू कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा संबंधी स्थिति की चिंताजनक तस्वीर पेश की है। आधी से ज्यादा छात्राओं ने गर्ल्स हॉस्टल में  गलत तरीके से फाइन लगाने की बात कही है। करीब 70 फीसदी का कहना है कि पीयू में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगनी चाहिए।
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कपड़ों पर सवाल न हो
कपड़ों को लेकर छात्राओं को टिप्पणियां झेलनी पड़ती हैं। 96 फीसदी से ज्यादा ने कहा है कि कपड़ों के चयन को लेकर किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
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पीयू कैंपस में महिला विरोधी दृष्टिकोण

करीब 84 फीसदी छात्राओं का कहना है कि उन्हें कैंपस में लैंगिक भेदभाव का शिकार होना पड़ा। इस सर्वे से पीयू कैंपस में महिला विरोधी दृष्टिकोण भी उजागर हुआ है।  74 फीसदी से ज्यादा ने कहा है कि शिकायत करने पर भी अधिकारी ऐसा भेदभाव रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाते।

विशेष कमेटी बने
छात्राओं का कहना है कि यौनशोषण के मामलों के निपटारे के लिए विशेष कमेटी बनाई जानी चाहिए। यह हाल उस यूनिवर्सिटी में सामने आया है, जो देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी मानी जाती है और जहां 70 फीसदी संख्या छात्राओं की ही है।

सर्वे में यह हुआ खुलासा
कैंपस में छेड़छाड़------------71.53 फीसदी
प्रोफेसरों व अन्य द्वार यौन शोषण----18.91 फीसदी
हॉस्टल टाइम भेदभाव----------49.66 फीसदी
गलत तरीके से फाइन----------51.71 फीसदी
बाहरी वाहनों पर रोक लगे -------69.53 फीसदी
कपड़ों पर कमेंट न हो ---------96.81 फीसदी
यौनशोषण को अलग कमेटी-------91.44 फीसदी (एसएफएस के सर्वे में छात्राओं ने कहा।)
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