गढ़वाल विश्वविद्यालय में नए सत्र (2015-16) से स्नातक स्तर पर भी सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जाएगा। विवि के कुलाधिपति और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ बैठक के बाद लौटे कुलपति प्रो. जवाहर लाल कौल ने यह जानकारी दी।
सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रो. कौल ने बताया कि दो दिन पहले हुई बैठक में राष्ट्रपति ने परास्नातक के बाद अब स्नातक स्तर पर सेमेस्टर और क्रेडिट बेस्ड च्वाइस सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। इस कड़ी में वे जल्द ही सभी संबद्ध महाविद्यालयों व निजी कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक करेंगे।
उन्होंने बताया कि समाज के प्रति छात्रों की सहभागिता बढ़ाई जाएगी। इनोवेशन क्लब की स्थापना की जाएगी, जिसके तहत उद्योगों के साथ मिलकर रोजगारपरक शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म कोर्स शुरू होंगे। प्रेस वार्ता में ओएसडी डॉ. डीएस नेगी भी मौजूद रहे।
असंबद्धता पर जल्द होगा फैसला
गढ़वाल विवि से कालेजों को असंबद्ध करने के मामले में जल्द फैसला हो सकता है। कुलपति प्रो. कौल ने बताया कि इस मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत से बीते सप्ताह उनकी बात हुई थी। इस संबंध में उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से भी बात की है।
मंत्री ने भी यह साफ कर दिया है कि यदि विवि के लिए कोई समस्या नहीं है तो वह ऑर्डिनेंस बनाकर लाएं, जिस पर विधिक राय लेने के बाद फैसला किया जाएगा। अगर कोई कॉलेज अपने स्तर से असंबद्ध होना चाहता है तो उसे आवेदन करना होगा। ऐसे मामलों में मंत्रालय के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वाईफाई से लैस होगा परिसर
छात्रों को इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गढ़वाल विवि परिसर वाईफाई से लैस किया जाएगा। इसके अलावा विवि ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी शुरू करने की योजना बना रहा है।