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सरकार मुफ्त पढ़ाने को तैयार, मान नहीं रहे होनहार

Fri, 01 Aug 2014 04:18 PM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सरकार ने 11वीं और 12वीं की उच्चस्तरीय पढ़ाई से लेकर रहने-खाने और स्पेशल कोचिंग की सुविधा मुफ्त दी। लेकिन अभिभावकों में जागरूकता की कमी थी, या सरकार इस प्रोजेक्ट के बारे में उन्हें मोटिवेट नहीं कर सकी। वजह कुछ भी हो पर बच्चे इतनी सुविधाओं केबाद भी आगे नहीं आए।
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पहली बार खोले जा रहे छह रेसिडेंशियल स्कूलों की छह सौ से ज्यादा सीटें पहले सेशन में खाली ही रह गईं। पहला सेशन चार अगस्त से शुरू होगा। रेसिडेंशियल स्कूल मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सरकारी स्कूलों में 80 फीसदी से ज्यादा अंक लेने वाले विद्यार्थियों को यहां 11वीं व 12वीं की उच्चस्तरीय शिक्षा मुफ्त दी जानी है।

हॉस्टल, मेस, प्रतियोगी परीक्षाओं कोचिंग का भी खर्च सरकार ने उठाना है। इस बार पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में सरकारी स्कूलों के 4700 से भी ज्यादा बच्चों ने 80 प्रतिशत या ज्यादा अंक हासिल किए थे। तब लग रहा था कि सिर्फ तीन हजार सीटों के लिए होनहारों में काफी जंग होगी। दाखिला प्रक्रिया शुरू हुई तो रिस्पॉन्स फीका रहा।
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दाखिलों में मोहाली पिछड़ा, पटियाला सबसे आगे

सीएम बादल ने खुद सारे बच्चों को पत्र लिख कर बधाई दी, साथ ही उन्हें रेसिडेंशियल स्कूलों में दाखिला लेने को प्रेरित किया। विभाग ने जागरूकता के लिए सभी डीईओ की ड्यूटी लगाई।

दाखिले न होने के कारण सेशन पहले एक से बढ़ा कर 15 जुलाई, फिर एक अगस्त किया गया। पर सारी कवायद के बावजूद 31 जुलाई तक छह स्कूलों में कुल 2322 बच्चों ने दाखिला लिया था। इनमें सबसे ज्यादा 461 दाखिले पटियाला स्कूल में हुए हैं।

वहीं, लुधियाना में 311, जालंधर में 405, बठिंडा में 453 और अमृतसर में 403 बच्चों ने दाखिला लिया है। मोहाली स्कूल में सबसे कम 289 बच्चे दाखिल हुए हैं।

अब विभाग चार अगस्त से इन स्कूलों में पहला सेशन शुरु करेगा। उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री बादल खुद इसका शुभारंभ कर सकते हैं।

रेसिडेंशियल स्कूलों में भी लड़कियां आगे

छह रेसिडेंशियल स्कूलों में दाखिला लेने में भी लड़कियों ने बाजी मारी है। यहां अपने घर से दूर हॉस्टल में रह कर पढ़ाई करनी है। इसके बावजूद लड़कों के मुकाबले ज्यादा लड़कियों ने दाखिले लिए हैं।

बठिंडा, जालंधर व पटियाला स्कूलों में तीन-तीन सौ लड़कियों ने दाखिला लिया है। अमृतसर में 309, लुधियाना में 234 और मोहाली में 206 लड़कियों ने दाखिला लिया है।

प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी
रेसिडेंशियल स्कूलों सेशन शुरू होने जा रहा है, पर अभी तक इन्हें स्थायी प्रिंसिपल नहीं मिले। पहले नियुक्ति की शर्त कड़ी थीं, तो कोई आवेदक खरा नहीं उतरा। शर्त हटा कर दोबारा प्रक्रिया शुरु की गई, वह भी अभी तक पूरी नहीं हुई है।

पहले शिक्षा विभाग ने जिलों केडीईओ को कार्यभार देने का फैसला किया था। अब उसे बदलते हुए फिलहाल छह सरकारी स्कूलों के बेहतरीन प्रिंसिपल चुने गए हैं, जिन्हें स्थायी नियुक्ति तक कार्यभार सौंपा जाएगा।
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बिल्डिंग का काम अंतिम चरण में

रेसिडेंशियल स्कूलों का बुनियादी ढांचा भी अभी पूरा नहीं हो सका है। मोहाली में बेहद तेजी से काम करते हुए स्कूल कैंपस का काम पूरा कर लिया गया। जहां वीरवार को फर्नीचर लगाया जा रहा था। स्कूल परिसर पूरी तरह तैयार कर लिया गया था। वहीं, इसके हॉस्टल में अभी काफी वक्त लगने की उम्मीद है। क्योंकि सिविल वर्क ही पूरा नहीं हुआ है।

रेसिडेंशियल स्कूलों में चार अगस्त से सेशन शुरू होगा। प्रिंसिपलों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है, तब तक कार्यकारी प्रिंसिपल नियुक्त किए जाएंगे। मोहाली में हॉस्टल बनने में वक्त लगेगा, उसके लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं।
- अंजलि भांवरा, प्रमुख सचिव, शिक्षा विभाग
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