लखनऊ विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन में खाली चल रहीं करीब 422 सीटों के लिए उन अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने पहले चॉइस लॉक करने में गड़बड़ी कर दी थी।
यह अहम फैसला बुधवार को लविवि में ग्रिवांस कमेटी की बैठक में लिया गया। ग्रेजुएशन की खाली सीटों के लिए करीब 1200 आवेदन आए हैं।
लविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. एनके खरे ने बताया कि एमफिल एंथ्रोपोलॉजी कोर्स में चार आवेदन आए हैं लेकिन इसे चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग स्तर पर प्रवेश परीक्षा होगी।
उधर, एमफिल समाजकार्य में प्रवेश परीक्षा पास करने वाले जिन अभ्यर्थियों को पीजी क्रिमिनोलॉजी और पीईआरडी कोर्स में पीजी करने के कारण वेरिफिकेशन करते समय दाखिले की दौड़ से बाहर किया गया है, उन्हें कोई चांस नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा ऐसे अभ्यर्थी जिनके बीए तृतीय वर्ष में भाषा के विषय नहीं थे और वे फैकल्टी चेंज के 55 प्रतिशत अंक के नियम के अनुसार पीजी में भाषा के कोर्सेज में प्रवेश की मांग कर रहे हैं, उन्हें भी ग्रिवांस कमेटी ने झटका दिया है। उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट्स में मास्टर ऑफ विजुअल आर्ट्स व मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स में खाली चल रही सीटों पर जिन दो अभ्यर्थियों ने दाखिले की मांग की थी, उन्हें फॉर्म न भरने के कारण दाखिले से रोक दिया गया।
फर्जी मार्क्सशीट लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
लविवि में एमएससी बॉटनी में पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से बीएससी की फर्जी मार्क्सशीट बनाकर दाखिला लेने की कोशिश करने वाले तीन अभ्यर्थियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय संदेह होने पर इन्हें पकड़ा गया था। इसके बाद वीसी ने पूर्वांचल यूनिवर्सिटी जौनपुर से इन तीनों की मार्कशीट का वेरिफिकेशन करवाया तो वह फर्जी निकलीं।
अब कुलपति ने आदेश दे दिया कि पूर्र्वांचल यूनिवर्सिटी की मार्क्सशीट लगाने वाले सभी अभ्यर्थियों का सत्यापन करवाया जाएगा। अगर मार्क्सशीट फर्जी पाई गई तो दाखिला रद्द कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।