हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की पूर्व एससीए ने कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व एससीए ने कहा कि 2011 से शुरू हुए कुलपति के कार्यकाल में आज तक सबसे अधिक फीस बढ़ोतरी हुई है।
यूजी परीक्षा फार्म की कीमत को 80 से 270 रुपये कर दिया गया। बीएड फार्म 250 से 1100 रुपये, रिवेल्यूएशन फीस प्रति विषय 80 से 120 रुपये कर दी गई।
पूर्व अध्यक्ष राजन हारटा ने चेताया कि सात जून को होने वाली आरएमसी की बैठक में फीस वृद्घि पर चर्चा होने वाली है। ऐसे में छात्रों ने भी खास रणनीति बनाई है।
यदि प्रशासन ने एक रुपये फीस भी बढ़ाई तो सदस्यों, कुलपति व अधिकारियों का परिसर में घेराव किया जाएगा। इसके बाद इनके खिलाफ उग्र आंदोलन भी किया जाएगा। साथ ही सभी छात्रों को लामबंद कर प्रदेश स्तर पर आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
फीस बढ़ाई, मगर नहीं रोकी फिजूलखर्ची
पूर्व एससीए सचिव पीयूष सेवल ने कहा कि बस किराया चार से बढ़ाकर 12 रुपये, छात्रावास फीस 2000 से 6800 रुपये वाजपेयी के कार्यकाल में हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं के कार्यकाल में दीक्षांत समारोह, विवि के स्थापना दिवस तो कभी सेमीनार और कार्यशालाओं पर लाखों की फिजूलखर्ची की गई। ऐसे में फीस वृद्घि कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।