प्रदेश विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद के लिए केंद्रीय छात्र संघ ने कुलपति को जिम्मेवार ठहराया है।
एससीए सचिव पीयूष सेवल, एमकॉम के डीआर संजीव और लॉ विभाग के डीआर नरेंद्र ने कहा है कि कुलपति ने लोकतांत्रिक और जनवादी प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है।
छात्रों के अधिकारों को बीते तीन वर्षों में दबाया गया है। एससीए ने विवि के शिक्षकों, गैर शिक्षकों और सभी छात्र संगठनों से एकजुट होकर कुलपति के खिलाफ लामबंद होने की अपील की।
एससीए पदाधिकारियों ने कहा कि तीन वर्षों में फीसों में भारी-भरकम वृद्धि हुई है। परीक्षाओं के समय हॉस्टल बंद किए गए। लाइब्रेरी के समय में कटौती की गई है।
इनके लिए भी ठहराया जिम्मेदार, आंदोलन की चेतावनी
शोधार्थियों को स्कॉलरशिप के लिए तरसाया गया है। परीक्षा शाखा और हॉस्टल मैसों का ठेकाकरण किया गया। सेल्फ फाइनांसिंग के नाम पर नॉन सब्सिडाइज्ड सीटें बढ़ाकर लूट की गई।
बीएड, बीबीए और बीसीए के फार्मों में बढ़ोतरी की गई। एससीए को बिना किसी कार्रवाई के भंग करना कुलपति के तानाशाह रवैये को दर्शाता है।
पीयूष सेवल ने कहा कि इक्डोल की स्थिति दयनीय होती जा रही है। कुलपति ने रूसा लागू कर प्रदेश की शिक्षा पद्धति पर सवालिया निशान लगाया है। अगर कुलपति को उनके पद से नहीं हटाया गया तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन होगा।