हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ एससीए ने दो हजार पर्चे छपवाए हैं। पर्चों में कुलपति पर दस गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एससीए पर्चों को विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, गैर शिक्षकों और आम जनता में बांटेगी।
पर्चे में कुलपति के कार्यकाल को विश्वविद्यालय के इतिहास का काला अध्याय करार दिया गया है। 24 मई को कुलपति का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। अपने अलोकतांत्रिक तथा तानाशाही पूर्ण कार्यकाल में कुलपति ने जितने भी निर्णय लिए, वे सभी छात्र विरोधी हैं।
कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय के अंदर शिक्षा का स्तर गिरा है। कुलपति ने अपने कार्यकाल में छात्रों, शिक्षकों और गैर शिक्षकों का दमन किया है। विश्वविद्यालय के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ है।
कुलपति के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने का आह्वान
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के केंद्रीय छात्र संघ ने कुलपति के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए विश्वविद्यालय के सभी छात्र संगठनों, शिक्षक संघों और गैर शिक्षक संघों को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। केंद्रीय छात्र संघ के महासचिव पीयूष सेवल और सह सचिव मोनिका ने विश्वविद्यालय की गरिमा को बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है।
ये आरोप लगाए हैं
•फीस में भारी बढ़ोतरी कर छात्रों पर बोझ डाला
•हॉस्टल फीसों में बेवजह भारी भरकम बढ़ोतरी
•हॉस्टल की मैस का निजीकरण किया
•परीक्षा के समय हॉस्टल और लाइब्रेरी बंद कर दिए
•बिना सुविधाओं के शुरू कर दिए नए कोर्स
•शिक्षकों, गैर शिक्षकों की तैनाती को नहीं किए प्रयास
•सेल्फ फाइनेसिंग के नाम पर बढ़ाई नॉन सब्सिडाइज्ड सीटें
•पैसे के लालच में लागू किया ‘रूसा’
•विजन 20-20 के नाम पर विश्वविद्यालय का निजीकरण किया