आजादी के 68 साल बीत जाने के बाद भी हमारे देश में किसानों की दशा अच्छी नहीं है। किसानों का शोषण जारी है और मजबूर होकर किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
किसान की इसी दशा को दिखाया लोक सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने। एससीए के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान इन कलाकारों ने 'सवा सेर गेंहू' नाटक पेश कर किसानों की असली तस्वीर युवाओं के सामने ला दी।
नाटक में यह भी संदेश दिया गया कि सरकार की ऐसी कौन सी नीतियां हैं जिनसे किसानों को घाटा हो रहा है। इसके बाद कलाकारों ने कुल्लवी नाटी, किन्नौरी क्यांग, हमीरपुरी और कश्मीरी डांस पेश कर छात्रों का मनोरंजन किया।
'बेटी है अनमोल' और 'यूनिटी सोंग' से दिया संदेश
इससे पहले इस दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का एससीए के पूर्व पदाधिकारी कश्मीर सिंह ठाकुर ने शुभारंभ किया। एससीए की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से ज्यादा कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं।
समारोह का आगाज हर बार की तरह यूनिटी सोंग से किया गया। इसके अलावा 'गरीबी की तलाश में', 'बेटी है अनमोल' और विशेष बच्चों से संबंधित नाटक भी पेश किए गए।
समारोह के आखिरी दिन शनिवार को भी कई सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।