नए सत्र से उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां संस्कृत प्राथमिक स्तर यानी पहली कक्षा से पढ़ाई जाएगी।
इसके लिए गठित उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद की पहली बैठक दो जनवरी को होगी। इसमें राज्य के 19 स्कूलों को संस्कृत शिक्षा के लिए मान्यता दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न प्रदेशों में छठी कक्षा से संस्कृत पढ़ाई जा रही है। उत्तराखंड शिक्षा विभाग के अफसरों के मुताबिक देश और दुनिया में कहीं भी प्राथमिक स्तर पर संस्कृत को मान्यता नहीं है।
इसके लिए उत्तराखंड ने पहल की है। वर्ष 2015 में उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जहां प्राथमिक स्तर से बच्चों को संस्कृत की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए बाकायदा उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद बनाई गई है। जिसने 24 जून 2014 को अपना अधिनियम तैयार कर लिया है।
परिषद अपना पाठ्यक्रम बनाएगा। प्राथमिक स्तर से संस्कृत स्कूलों को मान्यता देगा और परीक्षाएं करवाकर परीक्षाफल तैयार करेगा।