लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में स्टूडेंट्स ने हंगामा
किया। स्टूडेंट्स का आरोप था कि उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया
जा रहा है।
विवि प्रशासन के अधिकारियों का कहना था कि पीएचडी के लिए जूनियर
रिसर्च फेलोशिप पास व इंस्पायर सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों
को ही बैठाने का नियम है।
जिन अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
(यूजीसी) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) पास की है, उनके लिए बाद में
पीजी व एमफिल पास अभ्यर्थियों के साथ प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
फिलहाल, स्टूडेंट्स के बवाल के कारण न्यू कॉमर्स ब्लॉक के दरवाजे को बंद कर
दिया गया और वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल व प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य
तैनात कर दिए गए। इसके बाद परीक्षा हुई।
यूनिवर्सिटी प्रशासन के
अधिकारियों का कहना था कि जो कुछ हो रहा है, वह नियमानुसार है। पीएचडी
प्रवेश परीक्षा का परिणाम 31 अगस्त को घोषित करने की तैयारी की जा रही है।
एक से लेकर तीन सितंबर तक स्टूडेंट अपनी फीस जमा कर सकेंगे।
लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार को जेआरएफ पास अभ्यर्थी व इंस्पायर
सर्टिफिकेट प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए पीएचडी की प्रवेश परीक्षा आयोजित की
गई।
दोनों पालियों में कुल 17 कोर्सेज में दाखिले की प्रवेश परीक्षा थी।
पहली पाली में 13 कोर्सेज की प्रवेश परीक्षा में 150 स्टूडेंट पंजीकृत थे,
उसमें से 85 स्टूडेंट प्रवेश परीक्षा देने पहुंचे।
एजूकेशन विभाग में हुई
प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई। दूसरी पाली में न्यू कॉमर्स
ब्लॉक में चार कोर्सेज जिसमें हिंदी, एजूकेशन, बॉटनी व वेस्टर्न हिस्ट्री
की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई।
इसमें अकेले हिंदी में 237 स्टूडेंट्स ने
पंजीकरण करवाया था। एलयू प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि इसमें तीन
स्टूडेंट ऐसे थे जो कि जेआरएफ पास नहीं थे, वह नेट परीक्षा ही पास थे।
और तेज हो गया हंगामा
ऐसे
में उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं किया गया। जब उन्हें परीक्षा देने से
रोका गया तो वह विरोध करने लगे। छात्रों का कहना था कि जब नेट पास अभ्यर्थी
इसमें बैठ ही नहीं सकते तो उनके ऑनलाइन फॉर्म क्यों स्वीकार किए गए। इसके
पक्ष में छात्रनेता भी पहुंच गए और हंगामा तेज हो गया।
इसी दौरान कुछ ऐसे
अभ्यर्थी जो अपने ओरिजनल सर्टिफिकेट लेकर नहीं आए थे, उन्हें भी परीक्षा से
बाहर कर दिया गया।
फिलहाल, स्टूडेंट्स को शांत करने के लिए मौके पर
प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य व पुलिस पहुंच गई। छात्र प्रॉक्टोरियल बोर्ड
से भी बहस लड़ाने लगे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न करवाई गई।