उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा में 7 हजार से अधिक लोगों की जान गई। अधिकतम मौतें समय पर जानकारी नहीं मिलने और पहाड़ों के नीचे दबे होने के कारण हुईं। इस घटना से प्रेरित होकर केंद्रीय विद्यालय शिलौंग(मेघालय) में 12वीं के छात्र याजविंदर ने खास रोबोटिक विजन चैंप (आरवीसी) तैयार किया है।
यह खास रोबोटिक भूकंप के बाद इमारतों के मलबे के नीचे, अग्निकांड या अन्य किसी भी आपदा में ऐसी जगह पहुंच सकेगा जहां इंसानों का पहुंचना आसान नहीं होता। अमर उजाला से बातचीत में याजविंदर ने बताया कि उनके द्वारा तैयार खास रोबोटिक दो किलोमीटर के अंदर किसी भी दुर्गम स्थान पर फंसे लोगों की पहचान खुद कर लेगा।
रोबोट में रात में भी लेड लाइट की मदद से काम करने, मरीजों तक जरूरत पड़ने पर दवाई पहुंचाने का काम भी करने में योग्य है। इस खास रोबोट को तैयार करने में 3 से 4 महीने का समय और 15 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ेगा।
मल्टीपपर्ज चार्जिंग शूज बना आकर्षण का केंद्र
11वीं क्लास के स्टूडेंट और बिहार निवासी रोहन कुमार झा का मल्टीपपर्ज चार्जिंग शूज नेशनल एग्जीबिशन में आकर्षण का केंद्र रहा। रोहन ने खास जूते में प्रेशर मशीन लगाई गई है, जिससे ऊर्जा पैदा होती है। इस ऊर्जा को बैटरी में स्टोर किया जाता है। इस खास चार्जिंग शूज से मोबाइल बैटरी को आसानी से चार्ज किया जा सकता है।
बिजली बिना एयर कंडीशनर होगा कमरा
साइंस एग्जीबिशन में ओडिसा से आई निकिता मोहंती द्वारा तैयार एयर कंडीशन रूम विदाई इलेक्ट्रिसिटी भी आकर्षण का केंद्र रहा। मॉडल में दिखाया गया कि कुछ पाइपों के माध्यम से घर की गर्मी को बाहर और जमीन के अंदर से पाइपों के माध्यम से ठंडी हवा को घर में पहुंचाने से कमरे का तापमान सामान्य से 10 डिग्री तक नीचे रहता है।
बोरवेल रिसक्यू सिस्टम तैयार किया
सवोदय कन्या विद्यालय की छात्रा मेघा और प्रियंका ने साइंस एग्जीबिशन में बोरवेल रिसक्यू सिस्टम तैयार किया है। मेघा ने बताया कि उनके द्वारा तैयार मॉडल से बोरवेल में गिरे बच्चों को जल्दी और सुरक्षित निकालने में मदद मिलेगी।
साइंस एग्जीबिशन में यह भी रहे खास
- एग्जीबिशन में होम साइंस कालेज सेक्टर-10 की छात्राओं द्वारा बॉडी मास इंडेक्स के माध्यम से लोगों को सेहत के बारे में जागरूक किया गया।
- एग्जीबिशन में एनसीईआरटी ने साइंस एग्जीबिशन में खास बुक स्टॉल लगाया है। पाठकों को सभी किताबों पर 10 फीसदी छूट दी जा रही है।
- रेयात एंड बाहरा सहित कई प्राइवेट संस्थानों में इंजीनियरिंग स्टूडेंट द्वारा तैयार मॉडल्स को भी साइंस एग्जीबिशन में रखा गया है।
- एनसीईआरटी द्वारा छोटे बच्चों को पढ़ाने की नई तकनीक को लेकर भी एक स्टॉल लगाया गया है।