सेना के रिटायर्ड अफसरों की रिहायश के रूप में पहचान बना चुके चंडीगढ़ के युवाओं ने अब फौज में अफसर बनने से मुंह फेर लिया है। यहां के युवा आईएएस, डाक्टर, इंजीनियर और माडलिंग में तो हाथ आजमा रहे हैं, लेकिन वे फौज में अफसर नहीं बनना चाहते।
पिछले छह सालों में नेशनल डिफेंस एकेडमियों में चंडीगढ़ से नाम मात्र युवाओं ने ही एडमिशन लिया है। चंडीगढ़ के जिला सैनिक वेलफेयर आफिस व डिस्ट्रिक एडमिनिस्ट्रेशन ने भी इस पर चिंता जताई है। युवाओं को सेना के प्रति आकर्षित करने के लिए सैनिक बोर्ड ने अब अपना खजाना खोल दिया है।
अब मिलेंगे एक लाख रुपये
युवाओं को आकर्षित करने के लिए सैनिक बोर्ड व जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि यदि कोई युवक एनडीए में सलेक्ट होता है तो उसके परिवार को पुरस्कार के तौर पर एक लाख रुपया दिया जाएगा।
पंजाब सरकार भी एनडीए में सलेक्ट होने वाले युवाओं को एक लाख रुपया देती है। इससे फिलहाल पंजाब में अवेयनेस तो बढ़ी है, अब देखना होगा कि क्या चंडीगढ़ में भी युवा आकर्षित होते या फिर नहीं।