उत्तराखंड के राजकीय स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में छात्रों को अब 70 साल के गुरुजी भी पढ़ाएंगे। शासन ने प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में खाली पदों पर रिटायर शिक्षकों (देश भर के) की तैनाती की अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि महाविद्यालयों में रिक्त सहायक प्राध्यापकों के पदों पर यूजीसी के मानकों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर 70 वर्ष तक की आयु के रिटायर प्राध्यापक भी तैनात किए जा सकेंगे। शासन ने रिटायर शिक्षकों का चयन करने के लिए चार सदस्यों की कमेटी गठित की है।इसमें संबंधित मंडल (गढ़वाल या कुमाऊं) के मंडलायुक्त अध्यक्ष होंगे। उच्च शिक्षा निदेशक सदस्य सचिव होंगे। दो अन्य सदस्यों के रूप में एससी/एसटी प्रतिनिधि के रूप में राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य और उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से नामित एक अन्य प्राचार्य शामिल किया जाएगा।इन शिक्षकों की भर्ती साक्षात्कार के माध्यम से होगी। आवेदन के साथ सभी को अध्यापन विवरण और प्रमाणप्रत्र भी प्रेषित करने होंगे। इन शिक्षकों की भर्ती के लिए कार्मिक विभाग ने नियमों में शिथिलीकरण किया है।नए पदों का सृजन नहीं
रिटायर शिक्षकों की तैनाती केलिए नए पदों का सृजन नहीं किया जाएगा। इन्हें पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष रिक्त पदों पर विशेषज्ञ प्राध्यापक केरूप में तैनाती की जाएगी। इस प्रकार की नियुक्ति लोक सेवा आयोग से नियमित चयन अथवा न्यूनतम छह माह से अनधिक अवधि अथवा शैक्षिक सत्र की समाप्ति, जो भी पहले हो, तक के लिए होगी।