स्पेशल कंपोनेंट प्लान (एससीपी) के तहत स्थापित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों पर आरक्षण कम नहीं होगा। अखिलेश सरकार ने पहले इन कॉलेजों का आरक्षण कम करने के लिए फाइल चलाई,लेकिन अब सरकार अनुसूचित जाति का आरक्षण कम करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। फिलहाल सरकार ने यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
दरअसल,मायावती जब सत्ता में थीं तो उन्होंने सूबे में चार मेडिकल कॉलेजों की स्थापना स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत की थी। इनमें से तीन मेडिकल कॉलेज सपा सरकार में ही शुरू हुए हैं,लेकिन मायावती पहले ही इन कॉलेजों में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 70 फीसदी आरक्षण का प्रावधान कर चुकी हैं।
जबकि 15 प्रतिशत आरक्षण ओबीसी को दिया जाता है। सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए यहां 15 फीसदी ही सीटें बचती हैं। मायावती सरकार की व्यवस्था के अनुसार स्पेशल कंपोनेंट प्लान के यह कॉलेज आज भी समाज कल्याण की ग्रांट पर चल रहे हैं।