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रिसर्च: अब आपको बंदरों से बचाएगा यह मशीनी लंगूर

Tue, 05 May 2015 01:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अब आपको बंदरों के आतंक से निजात मिल सकती है, वो भी बिना लंगूर और अन्य किसी बड़े झंझट के। सेक्टर-26 स्थित चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी डिप्लोमा विंग के स्टूडेंट्स ने मंकी रिप्लेंट डिवाइस डिवाइस बनाई है, जो बंदरों को भगाने में कारगर साबित हुआ है।
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इसे बनाने में करीब 10 हजार रुपये का खर्च आया है और इस डिवाइस का पीजीआई के पार्क में सफल ट्रायल भी हो चुका है। डिप्लोमा विंग इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स शेखर, अनीश, अजय जसवाल, सुनील नेगी, राकेश कुमार और दिगंबर ने टीचर अंशु शर्मा की गाइडेंस में यह डिवाइस तैयार की है।

अंशु शर्मा ने बताया कि स्टूडेंट्स हॉस्टल से बंदरों की अक्सर शिकायतें आती थीं। इसके बाद डिवाइस तैयार करने का आइडिया आया। पीजीआई के पास बने पार्क में किए गए ट्रायल में डिवाइस ने अच्छा काम किया। अब इसे पेटेंट करवा लिया जाएगा।
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प्रिंसिपल आरके खुराना ने बताया कि बंदरों की समस्या से निपटने के लिए कई तरह केकाम किए गए, लेकिन परेशानी कम नहीं हुई। स्टूडेंट्स ने अपने प्रोजेक्ट वर्क में इसी आइडिया पर काम किया। अब मांग ज्यादा हुई तो स्टूडेंट लोगों के लिए भी ऐसी डिवाइस बना सकते हैं।

ऐसे काम करती है डिवाइस
फेब्रिकेटेड बॉडी में वेदर प्रूफ आर्टिफीशियल लंगूर बनाया गया है। इसमें सर्किट फिट कर स्पीकर लगाए गए हैं। एसी या डीसी दोनों तरह की ऊर्जा से इसे रिमोट द्वारा कंट्रोल किया जाता है।

ऑन करने पर यह जोर-जोर से लंगूर की आवाजें निकालता है और यह आवाज सुनकर बंदर दूर से ही भाग जाते हैं। स्टूडेंट्स के अनुसार, कई जगह स्पीकर लगाकर बंदरों के आतंक से बचा जा सकता है। साथ ही इसमें वाइब्रेशन भी उत्पन्न की जाएगी।
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