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न्यायिक सेवा परीक्षा देने वालों के लिए अच्छी खबर

Fri, 21 Nov 2014 12:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा के नियमों में संशोधन किया है। अब अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के प्रत्येक पेपर में 45 प्रतिशत की जगह 40 फीसदी अंक ही लेने होंगे। इसके बाद वे साक्षात्कार में जा सकेंगे। इसके अलावा रिक्तियों के दस गुणा अभ्यर्थी ही मेरिट में होंगे।
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यह परीक्षा राज्य लोक सेवा आयोग लेता है। यह संशोधन राज्य उच्च न्यायालय ने सिविल जज जूनियर डिविजन के काडर के लिए किया गया है। उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक अब अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के प्रत्येक पेपर में 45 प्रतिशत की जगह 40 प्रतिशत अंक लेने होंगे।


हिंदी भाषा पेपर को उत्तीर्ण करने के लिए 33 प्रतिशत अंक लेने होंगे। इसके अलावा कोई भी अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित नहीं किया जाएगा, अगर वह कुल अंकों का योग 45 प्रतिशत प्राप्त नहीं करता। मुख्य परीक्षा के लिए प्रारंभिक परीक्षा के द्वारा कुल रिक्त स्थानों के दस गुणा अभ्यर्थी मेरिट के आधार पर उत्तीर्ण किए जाएंगे और मुख्य परीक्षा 850 अंकों की होगी। साक्षात्कार के लिए 150 अंक निर्धारित किए गए हैं।
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संशोधन का स्वागत किया
सामाजिक कार्यकर्ता देशराज शर्मा और नि:शुल्क कानूनी सलाहकार एवं पूर्व प्रशासक बीआर कौंडल ने राज्य उच्च न्यायालय द्वारा न्यायिक सेवा परीक्षा नियमों में संशोधन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पुराने नियमों के तहत परीक्षार्थियों को खासकर हिमाचली परीक्षार्थियों को परीक्षा पास करना कठिन हो रहा था।

इस कारण लगभग प्रतिवर्ष इन परीक्षाओं को उतने अभ्यर्थी परीक्षा पास नहीं कर पा रहे थे, जितने नियमानुसार साक्षात्कार के लिए राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा बुलाए जाने होते हैं। इस साल भी छहरिक्त स्थानों को भरने के लिए 20 अभ्यर्थी पास होने चाहिए थे, मगर केवल तीन अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा पास कर पाए और वे भी सभी गैर हिमाचली हैं।
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