पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) ने विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने की कवायद शुरू कर दी है।
पीयू ने विभिन्न विभागों में 93 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती के लिए 4 दिसंबर तक उम्मीदवारों से आवेदन मंगवाए हैं। इस बार भी योग्यता में नेट को अनिवार्य नहीं किया गया है।
उम्मीदवार का नेट क्लीयर होना चाहिए या उसने पीएचडी की होनी चाहिए। आवेदन आने के बाद स्क्रीनिंग होगी और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
पीयू में सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति अब नए टैंपलेट के अनुसार होगी।
पीयू में लगभग 10 महीनों से सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया रुकी हुई है।
पीयू के अधिकारी भी मान रहे हैं कि लोकसभा चुनाव घोषित होने के कारण लगने वाली चुनाव आचार संहिता के कारण सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया विलंब हो सकती है।
पीयू ने जिन विभागों में सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं उनमें बॉटनी, केमिस्ट्री, हिस्ट्री, इंग्लिश, सोश्योलॉजी, फिलॉसफी, यूआईईटी, यूआईएचएमटी, यूबीएस, फिजिक्स, मैथमेटिक्स, कंप्यूटर साइंस, केमिकल इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ पंजाबी स्टडीज, यूसोल और इवनिंग स्टडीज शामिल हैं।
पीयू में शिक्षकों के करीब 500 पद खाली हैं। इसकी वजह लंबे समय से शिक्षकों की भर्ती न होना है। पीयू ने पिछले साल निकाले गए विज्ञापनों को रद्द कर दिया था।
कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने अपना पद संभालने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। इनमें से लगभग 40 पदों पर ही नियुक्ति हो पाई थी।
दिसंबर, 2012 में सिंडीकेट ने यूजीसी के नए नियमों का हवाला देते हुए नियुक्ति की प्रक्रिया को रोकने का फैसला ले लिया। इसके बाद से सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति रुकी हुई है।