शिक्षा एवं परिवहन मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि योग व गीता को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा, ताकि बच्चों में शुरू से ही अच्छे संस्कार व आदत डाली जाए। विश्व में सामंजस्य एवं शांति के लिए जरूरी है कि बच्चों में स्कूल से ही अच्छे संस्कारों की नींव डाली जाए।
शर्मा रविवार को नेता जी सुभाषचंद्र स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलास्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। योग कार्यक्रम में लगभग तीन हजार लोगों ने हिस्सा लिया। योग कार्यक्रम में उपस्थिजनों को संबोधित करते हुए रामबिलास शर्मा ने सबसे पहले मुस्लिम बिरादरी को रमजान की बधाई दी और कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत अब विश्व गुरु की प्राचीन मंजिल व मुकाम की ओर चल पड़ा है।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि योग गुरु बाबा रामदेव की यह जन्मस्थली है, जिन्होंने दुनिया में योग को गुंजायमान किया है। बाबा रामदेव ने लगातार 20 वर्षों की तपस्या करके दुनिया को रोग से मुक्त कराया है। इसमें सभी संप्रदाय व धर्म के लोग शामिल हैं।
शिक्षा एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों ने रिकार्ड 177 सह समर्थक देशों के साथ 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने संकल्प सर्वसम्मति से अनुमोदित कराया है। यह देश के नागरिकों के लिए गर्व की बात है। ऐसा ही अनुभव देश ने उस वक्त महसूस था जब 1893 में स्वामी विवेकानंद ने भारत का स्वाभिमान बढ़ाया था।
योग के बारे में बताया
कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य अभय देव ने की तथा सत्यव्रत शास्त्री विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इससे पहले जिला खेल अधिकारी एसके झा की टीम ने कठिन योग का प्रदर्शन किया।
जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अजीत सिंह ने आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर संक्षिप्त में प्रकाश डाला। पतंजलि योगपीठ के जिला प्रभारी सुभाष यादव ने योग से पहले की सावधानियां बताई।
इस दौरान एक साथ लगभग तीन हजार नागरिकों को योग शिक्षक निलेश कुमार व नीरज कुमार ने 35 मिनट तक योग करवाया।
इस प्रकार रहा योग का कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे विश्व में एकरूपता रहे इसके लिए सामान्य योग अभ्यास के प्रोटोकल के तहत योग कराया गया। कार्यक्रम ठीक 7 बजे पूरे देश में एक साथ शुरू हुआ। 7.35 मिनट तक योग कराया गया। डेढ़ से दो मिनट की प्रार्थना के साथ इसकी शुरुआत की।
इसके बाद चार मिनट तक गर्दन, कमर, घुटनों के 3 व्यायाम कराया। इसके बाद योगासन किए। करीब 15 मिनट में 4 भागों में 15 आसन कराए। खड़े होकर ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन व त्रिकोणासन कराया। बैठकर किए जाने वाले आसनों में भद्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशंकासन, वक्रासन कराया गया।
पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में भुजंगासन, शलभासन, मकरासन तथा पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में सतुंबंधासन, पवनमुक्तासन और शवासन आदि कराए गए।