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फीस बढ़ोतरी के विरोध में पीयू में रैली

Mon, 18 Nov 2013 09:36 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़।
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पीयू में फीस वृद्धि के विरोध में शुक्रवार से शुरू हुआ प्रदर्शन रविवार को छुट्टी के दिन भी जारी थी। छात्र दिन भर कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे ही रहे।
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शाम को छात्रों ने पीयू के सभी गर्ल्स और ब्वायज हॉस्टलों में जाकर छात्राओं से उनके इस संघर्ष में सहयोग मांगा। रैली के दौरान छात्रों ने गर्ल्स हॉस्टलों में जाकर कहा कि पीयू में 75 फीसदी छात्राएं हैं और फीस बढ़ोतरी से सभी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में पीयू के हर छात्र-छात्रा को इस विरोध प्रदर्शन में उनका साथ देना चाहिए।

छात्रों की रैली को देखते हुए कुलपति के आवास के बाहर कड़ी सुरक्षा कर दी गई थी। माना जा रहा था कि छात्र कुलपति के निवास पर भी विरोध करने आएंगे।

कुलपति के निवास के बाहर भारी संख्या में चंडीगढ़ पुलिस तैनात की गई थी। हालांकि छात्रों की रैली गर्ल्स और ब्वायज हॉस्टलों तक ही सीमित रही। इससे पहले छात्रों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर भी इस विरोध में पीयू के छात्रों से सहयोग मांगा।
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शुक्रवार से भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट्स फॉर सोसाइटी (एसएफएस) के एक सदस्य बहाल सिंह की ओर से शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवार को तीसरे दिन प्रवेश कर गई।

पीयू प्रशासन की ओर से फीस बढ़ोतरी वापस लेने की छात्रों की मांग पर गठित कमेटी की सोमवार दोपहर 12 बजे मीटिंग होगी। कमेटी फीस बढ़ोतरी का सिंडीकेट के पास दोबारा विचार के लिए भेजने का निर्णय ले सकती है।

सिंडीकेट और सीनेट ने ही फीस बढ़ाने की मंजूरी दी थी। छात्र कमेटी के इस फैसले से कितना संतुष्ट होंगे यह बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

फीस बढ़ोतरी जायज: पीयू
पीयू के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में फीस बढ़ोतरी को उचित बताया गया है। पीयू ने स्पष्ट किया है कि छह सालों से पीयू में फीस नहीं बढ़ाई गई है।

पीयू ने नया सत्र शुरू होने से पहले फीस बढ़ोतरी का फैसला ले लिया था। यह फैसला इसलिए जरूरी था क्योंकि छह सालों से फीस न बढ़ने से पीयू का घाटा बढ़ रहा था।

सिंडीकेट की 29 जून को हुई बैठक में पहले वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों की फीस में 10 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया था। पीयू प्रशासन ने छात्रों से इस विरोध प्रदर्शन को खत्म करने की अपील की है।
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