यूपीटीयू के एंटी रैगिंग सेल के चेयरमैन प्रो. जगवीर सिंह ने जीसीआरजी कॉलेज की घटना को रैगिंग की बजाए आपसी मारपीट माना है।
कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया कि कॉलेज में बीटेक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स के दो ग्रुपों के बीच आपसी रंजिश को लेकर मारपीट हुई थी।
प्रो. जगवीर सिंह ने दावा किया कि तथ्यों व सबूतों के अनुसार पॉलीटेक्निक का स्टूडेंट शिवम मिश्रा अपने बीटेक फर्स्ट ईयर के दोस्त शिवम शुक्ला के साथ दूसरे गुट से भिड़ गए थे।
शिवम शुक्ला के कहने पर ही शिवम मिश्रा ने रैगिंग का आरोप लगा दिया था। इसमें गवाह उसने शिवम शुक्ला को बनाया।
प्रो. सिंह का कहना है कि रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और शनिवार को इस घटना के मुख्य गवाह शिवम शुक्ला के लिखित बयान दर्ज किए गए हैं।
जिसमें उसने लिखकर दिया है कि यह रैगिंग नहीं, बल्कि आपस में मारपीट की ही घटना थी। ऐसे में अब सोमवार को रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और कुलपति डॉ. आरके खांडल को सौंप दी जाएगी।
इस घटना में छात्र शिवम मिश्रा की पिटाई करना गलत था और बीटेक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट अमित यादव और सौरभ व आरसीन आदि को इस मामले में एंटी रैगिंग सेल सजा सुनाएगी।
वहीं, शिवम शुक्ला पर भी कार्रवाई होगी। अगर मारपीट की घटना में कोई आंशिक सजा बनती होगी तो शिवम मिश्रा को भी सजा दी जाएगी।