पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) चुनाव अब 13 की बजाय 20 अगस्त को होंगे। देविंद्र गुट के जबरदस्त विरोध के बाद पुटा एग्जीक्यूटिव बॉडी की मीटिंग में यह फैसला लिया गया।
देविंद्र गुट ने चुनाव प्रचार के लिए समय न दिए जाने को पुटा संविधान के खिलाफ बताया था। जिसके बाद शनिवार को एग्जीक्यूटिव बॉडी की मीटिंग बुलाई गई। मीटिंग में बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया।
प्रो. देविंद्र ने इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने नामांकन तिथि और अन्य प्रक्रिया को बदलने की मांग भी की थी। लेकिन केवल चुनाव की तिथि बदली गई है।
वहीं दूसरी ओर चुनाव तिथि फाइनल होते ही आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए। अमरिंद्र-अक्षय गुट ने देविंद्र गुट पर सीधा निशाना साधते हुए उसे यूनिवर्सिटी की छवि खराब करने वाला बताया।
शनिवार को प्रेसवार्ता में प्रधान पद की दावेदारी कर रहे प्रो. अक्षय ने कहा कि विरोधियों की झूठी बातों से केंद्र सरकार ने पीयू की ग्रांट रोक दी है। जिससे पीयू की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है।
हालात यह हैं कि शिक्षकों को अभी तक डीए तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि पुटा का उद्देश्य सभी शिक्षकों के हित में कार्य करना है। अपने एजेंडे में उन्होंने पीयू परिसर में सड़कों और पार्किंग की समस्या का मुद्दा भी शामिल किया है।