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पीयू सिंडीकेटः इन बड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर

Mon, 21 Sep 2015 03:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी में रविवार को सिंडीकेट की मीटिंग में बहस और लंबी चर्चा केबाद कई अहम प्रस्ताव पास कर दिए गए। देर शाम तक चली सिंडीकेट की बैठक में स्टूडेंट्स ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी बनाने केप्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसकेअलावा डबल एंट्री अकाउंटिंग सिस्टम और हॉस्टल फंड केलिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम को भी मुहर लगा दी।
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पीयू में डबल एंट्री अकाउंटिंग सिस्टम को लागू करने के प्रस्ताव को सिंडीकेट ने अप्रूवल दे दी। इसके लिए सेक्टर-34 स्थित एक कंपनी के सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। नॉन प्लान बजट के लिए पीयू दो कॉमर्स बैकग्राउंड वाले इम्प्लॉइज को अपॉइंट करेंगी। फ्रॉड से बचने के लिए सभी बाउचर्स का रिकॉर्ड दो जगह रखा जाएगा।

स्टूडेंट्स से जुड़े सभी मामलों केलिए अलग से ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी बनेगी। जो उनकी हर दिक्कत को गंभीरता से लेकर उसका निदान करेगी। कमेटी बनाने केइस प्रस्ताव को सिंडीकेट ने पास कर दिया। हालांकि कमेटी बनाने की प्रक्रिया को री-ड्राफ्ट भी किया जाएगा। जिसमें कुछ बदलाव होंगे। यह कमेटी दो स्तरों पर बनाई जाएगी। जिसमें एक कमेटी डिपार्टमेंट लेवल पर बनेगी और दूसरी यूनिवर्सिटी लेवल पर बनेगी। स्टूडेंट की समस्या का निदान डिपार्टमेंट लेवल पर नहीं हो पाता है या वह उसकेनिर्णय से संतुष्ट नहीं होता है तो यूनिवर्सिटी लेवल पर अपील कर सकेगा।
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स्टूडेंट्स ऐसे कर सकेंगे अपील
जिस स्टूडेंट को डिपार्टमेंट लेवल पर दिक्कत है वह पहले अपने हेड ऑफ डिपार्टमेंट को अर्जी देगा। सभी तथ्यों को परखने केबाद एचओडी सप्ताह भर केअंदर मामले को सुलझाएगा। यदि स्टूडेंट इस फैसले से संतुष्ट नहीं होता है तो अर्जी डिपार्टमेंट लेवल कमेटी केपास चली जाएगी। यहां से भी न्याय नहीं मिलने पर स्टूडेंट सप्ताह भर केअंदर यूनिवर्सिटी लेवल कमेटी को अर्जी दे सकता है।

हॉस्टल फंड की गड़बड़ी रोकेगा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम
हॉस्टल के फंड में गड़बड़ी रोकने केलिए पीयू ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम को अपना लिया है। सभी हॉस्टल में एक ही जैसे सिस्टम से फंड की देखभाल होगी। पीयू यह प्रस्ताव यूजीसी केदिशानिर्देश मिलने केबाद सिंडीकेट में लाई। नए सिस्टम केतहत वार्डनों को फाइनेंशियल अधिकार दिए गए हैं। अब वह 15 हजार रुपये तक बिना कोटेशन के खर्च कर सकेंगे।

सीवीओ और सीएसओ के पद दोबारा होंगे विज्ञापित
चीफ विजिलेंस ऑफिसर केपद पर चयनित कैंडीडेट को ज्वाइन करने केलिए 10 दिन का समय दिया गया है। ज्वाइन नहीं करने पर इस पद को दोबारा विज्ञापित किया जाएगा। वहीं, चीफ सिक्योरिटी अफसर केपद पर नियुक्ति केलिए भी दोबारा विज्ञापन दिया जाएगा। सीवीओ केपद पर डेपुटेशन के तहत नियुक्ति होगी।

दो बार विज्ञापन केबाद ही प्रिंसिपल को एक्सटेंशन
पीयू से संबंधित कॉलेजों में प्रिंसिपलों को अब 60 साल केबाद एक्सटेंशन देने से पहले कॉलेज को दो बार विज्ञापन देना होगा। उसकेबाद भी यदि योग्य कैंडिडेट नहीं मिलता तो एक साल केलिए एक्सटेंशन दिया जा सकता है। पहले यह एक्सटेंशन दो साल केलिए दी जाती है। हालांकि जो प्रिंसिपल नियुक्त हो चुके हैं, उनका कार्यकाल दो साल का ही रहेगा। डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल की वेबसाइट पर इन पदों को भरने का डाटाबेस तैयार होगा।

शिक्षकों को मिलेगा डीए और एनुअल इंक्रीमेंट
लंबे समय से मांग कर रहे शिक्षकों की बात पीयू ने मान ली है। 60 साल से अधिक उम्र केशिक्षकों को डीए और एनुअल इंक्रीमेंट देने का प्रस्ताव सिंडीकेट ने पास कर दिया। इसकेलिए बजट को भी सिंडीकेट ने अप्रूवल दे दी।

सेक्सुअल हैरासमेंट मामलों पर बनेगी कमेटी
महिला प्रो. द्वारा वीसी पर लगाए गए छेड़छाड़ के आरोप केबाद सिंडीकेट ने इस तरह केमामलों पर डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शंस (डीयूआई) के अंडर कमेटी गठन करने पर सहमति जताई। इससे पहले पीयू में इस तरह से मामलों केलिए सिर्फ पीयूकैश ही है। जिसका गठन वीसी ही करते हैं। अधिकारी स्तर केमामलों को डीयूआई कमेटी देखेगी।

यह प्रस्ताव भी हुए पास
- ऑर्डिनरी फेलो-2016 चुनाव केलिए पीयू रजिस्ट्रार कर्नल (रि.)जीएस चड्ढा को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया
- सितंबर-2016 में होने वाले सीनेट चुनाव के लिए 135 लाख रुपये का बजट हुआ पास
- पीयू ने डीन रिसर्च की पोस्ट खत्म कर दी है। इसकी जगह डायरेक्टर रिसर्च और असिस्टेंट डायरेक्टर रिसर्च की अप्वाइंटमेंट का प्रस्ताव भी सिंडीकेट में आया। रिसर्च प्रमोशन सेल (आरपीसी) बनाए जाने को सिंडीकेट ने अप्रूवल दे दी। यह सेल दो साल केलिए बनाया जाएगा।
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