पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में कई सालों के बाद संतुलित सिंडीकेट का गठन हुआ है। इस बार सिंडीकेट के 15 सदस्यों के चुनाव में किसी भी गुट को बहुमत नहीं मिला।
पिछले कुछ सालों से सिंडीकेट में एक ही गुट का बहुमत होने से पीयू की कार्यप्रणाली पर राजनीति हावी हो रही थी। एक गुट अपनी मनमर्जी करता था।
लेकिन, वर्ष 2014 के लिए गठित सिंडीकेट में जहां नए गठबंधन के हिस्से में 8 सीटें आईं, वहीं गोयल गुट को सात सीटें मिलीं।
सिंडीकेट चुनाव में गोयल गुट को टक्कर देने के लिए चतरथ, डीएवी मैनेजमेंट और भाजपा से जुड़े गुट ने सीनेट में शिक्षाविदों के साथ हाथ मिलाया था।
ऐसे में गोयल गुट को सात सीटें जीतने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन, गोयल गुट ने अकेले पड़ जाने के बाद भी गठबंधन को कड़ी टक्कर दी।
सिंडीकेट में वरिष्ठ सीनेट सदस्य गोपाल कृष्ण चतरथ की वापसी एक साल के बाद हुई है। पिछले साल चतरथ लॉ फैकल्टी से चुनाव हार गए थे।
सिंडीकेट चुनाव में सबसे रोचक मुकाबला शाम को कंबाइंड फैकल्टी की तीन सीटों के लिए हुआ। सिंडीकेट की तीन फैकल्टी के चुनाव में सुबह तक पिछड़ने वाले गोयल गुट के दो उम्मीदवार शाम को कंबाइंड फैकल्टी के चुनाव जीत गए।
वहीं गठबंधन की ओर से खड़े किए गए सिर्फ एक उम्मीदवार ने ही जीत हासिल की। इस साल सिर्फ लैंग्वेज और मेडिकल साइंस फैकल्टी में निर्विरोध चुनाव हुआ।
बाकी की चार फैकल्टी के लिए चुनाव हुआ। पिछले साल सिर्फ लॉ फैकल्टी में चुनाव हुआ था। पिछले साल गोयल गुट ने सभी 15 सीटों पर कब्जा किया था।
इस गुट का सिंडीकेट में बहुमत था जिससे पीयू के कुलपति का सिंडीकेट के साथ टकराव बढ़ा। वर्ष 2012 में सिंडीकेट चुनाव में चतरथ गुट ने 13 सीटें जीती थीं। जबकि वर्ष 2011 में चतरथ गुट के हिस्से में 12 सीटें आई थीं।
वर्ष 2010 में चतरथ गुट ने सभी 15 सीटों पर जीत हासिल की थी। ऐसे में इस साल संतुलित सिंडीकेट आने से पीयू की कार्यप्रणाली प्रभावित न होने की उम्मीद है।
ये हैं सिंडीकेट के नए सदस्य
आर्ट्स फैकल्टी
डॉ.बीसी जोसन
जगपाल सिंह
डॉ.प्रीति महाजन
साइंस फैकल्टी
डॉ.दलीप कुमार
डॉ.दिनेश तलवार
डॉ. पुनीत बेदी
लैंग्वेज फैकल्टी
अशोक गोयल
डॉ.हरदिलजीत सिंह गोसल
मेडिकल साइंस फैकल्टी
प्रो.एसके शर्मा
प्रो.बीएस भूप
कंबाइंड फैकल्टी
प्रो. करमजीत सिंह
डॉ. गुरदीप कुमार शर्मा
डॉ. प्रीत मोहिंदर पाल सिंह