पंजाब यूनिवर्सिटी कैम्पस में हुई सीनेट मीटिंग में फीस वृद्धि का फैसला वापिस ले लिया गया है। ऐसा होने से पीयू के हजारों स्टूडेंट्स को काफी राहत मिली है।
आज हुई मीटिंग में इस मामले पर 3 घंटे तक काफी चर्चा हुई। बहस पूरी होने के बाद फीस वृद्धि का प्रस्ताव वापिस ले लिया गया। साथ ही इस मामले में एक कमेटी गठित करने का फैसला भी लिया गया। यह कमेटी फीस वृद्धि के मसले पर फिर से मंथन करेगी और अपनी रिपोर्ट सीनेट को सौंपेगी।
मीटिंग में महिला कांस्टेबल से बदसलूकी और छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार हुए 9 स्टूडेंट्स के मामले पर भी चर्चा हुई। वीसी अरूण ग्रोवर ने मामले को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया और इस बारे में आईजी और प्रशासक के सलाहकार के के शर्मा से बातचीत करने की बात भी कही।
बता दें कि आज सुबह मीटिंग शुरू होने से पहले एसएफएस कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स ने जमकर हंगामा किया और पीयू प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। स्टूडेंट्स पीयू प्रशासन द्वारा फीस वृद्धि को लेकर पिछले 26 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों से पीयू कैंपस में तनावपूवर्ण माहौल बना हुआ है। धारा 144 लगी हुई है।
इस दौरान एक महिला कांस्टेबल ने पीयू के 9 स्टूडेंट्स के खिलाफ छेड़छाड़ और बदसलूकी का मामला भी दर्ज कराया गया। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 9 स्टूडेंट्स को गिरफ्तार भी किया था। इस गिरफ्तारी को लेकर भी स्टूडेंट्स ने काफी हंगामा किया। कक्षाएं बंद करा दीं। तोड़-फोड़ की।
नतीजतन पुलिस को उन पर लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि पीयू के आला अधिकारियों ने स्टूडेंट्स से बात करके मामला सुलझाने की कोशिश भी की, लेकिन वे नहीं माने थे। इस कारण पिछले कई दिनों से पीयू कैम्पस का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।