पंजाब यूनिवर्सिटी की आज होने वाली सिंडीकेट बैठक में आगामी सत्र से फीस में 10 से 20 फीसदी बढ़ोतरी के फैसले को वापिस लिए जाने की उम्मीद है। बैठक सुबह 10.30 बजे शुरू होगी। उधर सभी छात्र संगठनों ने सीनेट से पहले रणनीति देर शाम तक बना ली।
जानकारी अनुसार छात्र नेता समर्थकों के साथ प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर सुबह से ही विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में है। एसएफआई नेता प्रभप्रीत सिंह ने कहा कि जब सीनेट में छात्र नेताओं को अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 9 छात्रों के खिलाफ केस वापिस, फीस बढ़ोतरी वापिस और सेक्टर-11 एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि 26 दिन से पीयू कैंपस में छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन ने पीयू प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पिछले तीन दिनों से पीयू कैंपस में तनावपूवर्ण माहौल को सामान्य करने के लिए पीयू सीनेट फीस बढ़ोतरी को फिलहाल टालने के मूढ में है।
सीनेट सूत्रों के अनुसार विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए शुक्रवार को ही कई सीनेटर के साथ कुलपति ने मामले को लेकर राय ली और कुछ बीच का रास्ता निकालने को कहा।
उधर एक सीनेटर का कहना है कि पीयू को पहले ही पता था कि फीस बढ़ोतरी का विरोध होगा। जिसे देखते हुए पहले ही 10 से 20 फीसदी फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया है। शनिवार सीनेट बैठक में 5 फीसदी तक फीस बढ़ाने का प्रस्ताव भी पास हो सकता है।
पीयू सीनेट में ये प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा
-एमफिल करने वालों को दो साल तक एंट्रेंस टेस्ट से छूट का प्रस्ताव
-पीयू एफिलिएटेड दो कालेज में कम्यूनिटी कालेज को आगामी सत्र से अनुमति देना।
-पीयू में अस्थायी कर्मचारियों को भी मातृत्व अवकाश देने पर फैसला।
-पीयू के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन के प्रोबेशन पीरियड खत्म होने पर स्थायी किए जाने पर मुहर लगना।
-धनवंतरी कालेज में 2013-14 में दाखिला पाने वाले विद्यार्थियों को एग्जाम देने की अनुमति का मामला।
-पीयू से एफिलिएटेड कालेजिस में 500 शिक्षकों की अप्रूवल का मामला।
-रिटायरमेंट उम्र 65 किए जाने का मामला फिर से सीनेट में उठ सकता है।