60 साल की उम्र पार कर चुके पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) के कई प्रोफेसर को रिटायरमेंट का झटका लग सकता है। पीयू और एफिलिएटेड कई कालेज प्रोफेसर ने रिटायरमेंट की उम्र 60 से 65 किए जाने के मामले में पंजाब एड हरियाणा हाईकोर्ट से स्टे लिया हुआ था। इस मामले में कोर्ट ने एमएचआरडी से जवाब तलब किया था।
कोर्ट के आदेश पर एमएचआरडी ने जवाब में कहा कि पीयू सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त नहीं है। ऐसे में शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 नहीं की जा सकती।
कोर्ट में इस फैसले से 10 प्रोफेसर को रिटायरमेंट की पार्टी लेनी पड़ सकती है। वैसे इस मामले में कोर्ट की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
गौरतलब है कि देश की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर की रिटायरमेंट उम्र 65 साल है। पीयू सेंट्रल यूनिवर्सिटी तो नहीं लेकिन उसे केंद्र सरकार द्वारा इंटर स्टेट बॉडी का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में एमएचआरडी ने हाईकोर्ट को दिए जवाब में पीयू की स्थिति स्पष्ट कर दी है।
पीयू के प्रो. अमर नाथ गिल और बीएस घुम्मन सहित कई प्रोफेसर ने रिटायरमेंट की उम्र 65 किए जाने को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में केस दायर किया हुआ है। कोर्ट में मामले की सुनवाई
फैसले से कई प्रोफेसर को झटका
2015 में पंजाब यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में काफी प्रोफेसर रिटायर होने वाले हैं। सभी की निगाहें कोर्ट के फैसले पर लगी हैं। एमएचआरडी की चिट्ठी ने इस साल रिटायर की दहलीज पर खड़े प्रोफेसर के माथे पर चिंता की लकीर डाल दी हैं। अब पीयू सीनेेट पर ही रिटायरमेंट उम्र नियमों में संशोधन को लेकर दबाव बनाने की कोशिश की जाएगी।
आगामी सीनेट में उठेगा मुद्दा
एमएचआरडी द्वारा पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में रिटायरमेंट उम्र मामले को लेकर आगामी 26 अप्रैल को होने वाली सीनेट बैठक में मुद्दा उठ सकता है। एमएचआरडी द्वारा कोर्ट को लिखी चिट्ठी में कहा कि पीयू सीनेट और सिंडीकेट को रिटायरमेंट नियमों में बदलाव कर केंद्र सरकार से पास कराना होगा।