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स्कूली शिक्षक बनने के इच्छुक युवाओं को बड़ा तोहफा

Fri, 16 Jan 2015 10:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) ने स्कूल स्तर पर लैंग्वेज शिक्षक बनने के इच्छुक युवाओं के हक में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। किसी भी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स अब पंजाबी के साथ पीयू से हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत इलेक्टिव विषय की एडिशनल परीक्षा दे सकेंगे। पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर द्वारा गठित कमेटी और फैकल्टी ऑफ लैंग्वेज ने मुद्दा उठने के करीब एक साल बाद इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
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पीयू में अभी तक सिर्फ पंजाबी लैंग्वेज का एडिशनल पेपर देने की सुविधा थी। हिंदी और अंग्रेजी विषय के स्टूडेंट्स के साथ हो रहे भेदभाव को ‘अमर उजाला’ ने सबसे पहले 18 दिसंबर 2013 के अंक में ‘सिर्फ पंजाबी लैंग्वेज वालों को एडिशनल पेपर देने की अनुमति’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद 24 सितंबर 2014 को खबर प्रकाशित कर यह बताया कि था कि पीयू प्रशासन द्वारा इस मामले में किस तरह लेटलतीफी बरती जा रही है।
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मार्च में दे सकेंगे परीक्षा

पीयू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन ने वीरवार को तीनों लैंग्वेज विषय के एडिशनल पेपर मार्च में कंपार्टमेंट परीक्षाओं के साथ लेने के आदेश जारी कर दिए हैं। 12 जनवरी को असिस्टेंट रजिस्ट्रार (जनरल) को चिट्ठी जारी हो चुकी है। एक स्टूडेंट को लैंग्वेज के इलेक्टिव विषय के लिए हर बार दो पेपर में अपीयर होना होगा।

इसलिए अहम था यह मुद्दा
स्कूल स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी विषय में शिक्षक बनने के लिए ग्रेुजएशन स्तर पर इलेक्टिव विषय अनिवार्य योग्यता कर दी गई है। हरियाणा, पंजाब और हिमाचल की कई यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन स्तर पर इलेक्टिव विषय की सुविधा नहीं है। चंडीगढ़ के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में इलेक्टिव विषय नहीं होने के कारण सैकड़ों युवा नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पाते थे।

कोट्स
स्टूडेंट्स अब पीयू से पंजाबी के साथ हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत इलेक्टिव विषय का एडिशनल पेपर दे सकेंगे। फैकल्टी ऑफ लैंग्वेज और कुलपति ने मंजूरी दे दी है। मार्च में तीनों विषयों की परीक्षा होगी। पीयू जल्द ही फीस और अन्य जरूरी जानकारी से संबंधित नोटिफिकेशन जारी करेगी।
- प्रो. परविंदर सिंह, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, पीयू
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