पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में बीएएलएलबी (आनर्स) एनआरआई और जनरल सीटों को इंटरचेंज नहीं किया जा सकता।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डबल बेंच ने सिंगल बेंच के आदेशों को सही करार देकर एलपीए याचिका को खारिज कर दिया।
चंडीगढ़ के 16 सेक्टर निवासी हिम्मत सिंह सिद्धू ने एलपीए को चुनौती दी थी। याचिका में सिंगल बेंच के आदेशों के पुनर्विचार का आग्रह किया गया था।
हाईकोर्ट में दाखिल एलपीए याचिका में कहा गया कि यूनिवर्सिटी में इस कोर्स में एनआरआई कोर्ट के लिए 18 सीटें हैं। पांच साल के इस कोर्स के लिए एनआरआई कोटे की दो सीटें खाली पड़ी हैं।
उन्होंने हाईकोर्ट से आग्रह किया था कि इन सीटों को जनरल सीटों में स्थानांतरित किया जाए, ताकि किसी जनरल कोटे की सीटों में बढ़ोतरी का फायदा छात्रों को मिल पाए।
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एनआरआई की सीट एडिशनल में गिनी जाती हैं। इन्हें रिजर्व में नहीं रखा जा सकता।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराकर एलपीए को रद कर दिया।