हर साल डीन कालेज डेवलेपमेंट काउंसिल (डीसीडीसी) द्वारा पीयू एफिलिएटेड करीब 180 कालेज के टॉपर को स्कॉलरशिप देने के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। 30 सितंबर तक विद्यार्थियों से आवेदन मांगे जाते हैं।
28 सितंबर को पीयू सीनेट में सीनेटर मनीष वर्मा ने आवेदन की तिथि को 15 अक्तूबर किए जाने की मांग की गई, जिस पर डीसीडीसी दफ्तर की ओर से जल्द ही कालेजों को नोटिस जारी किया जाएगा।
दूसरे, अब पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) से एफिलिएटेड कालेज होनहारों को हर साल मिलने वाली स्कॉलरशिप में एक समान हिस्सा मिलेगा। 28 सितंबर को हुई पीयू सीनेट बैठक में कुछ सीनेटर ने कालेज स्टूडेंट्स को मिलने वाली स्कॉलरशिप मामले में कुछ शहरों के कालेजों को तवज्जो दिए जाने का मुद्दा उठाया था।
काफी कहासुनी के बाद सीनेट में कालेज स्कॉलरशिप नियमों को कड़ाई से लागू करने पर सहमति बनी। सीनेटर मनीष वर्मा सहित पंजाब के कुछ सीनेटर ने स्कॉलरशिप की अधिकतर राशि सिर्फ चंडीगढ़ और लुधियाना के कालेजों को दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया। इसके बाद पीयू कुलपति ने मामले में डीसीडीसी को उचित कार्रवाई के आदेश दिए।
स्कॉलरशिप के लिए निर्धारित पेरामीटर बनाने का मुद्दा भी सीनेट में उठा। सीनेटर रघबीर दयाल ने आरोप लगाया कि कई कालेजों में 62 फीसदी अंक पाने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप मिल जाती है, जबकि 70 फीसदी से अधिक अंक वालों की अनदेखी की जाती है।
रघबीर ने स्कॉलरशिप की कट ऑफ को बढ़ाने का प्रपोजल भी पीयू सीनेट में रखा। गौरतलब है कि कालेज टॉपर को अब 30 लाख स्कॉलरशिप दी जाती है। स्कॉलरशिप में प्रत्येक स्टूडेंट को 5 से 10 हजार राशि मिलती है।
पीयू हर साल टॉपर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाती है। स्कॉलरशिप की राशि में पिछले साल ही इजाफा किया गया है। स्कॉलरशिप चयन के लिए सिर्फ मेरिट ही आधार रहता है।
प्रो.नवल किशोर, डीन कालेज डेवलेपमेंट काउंसिल पीयू