पंजाब यूनिवर्सिटी एफिलिएटेड कॉलेजों के प्रोफेसर भी अब पीएचडी रिसर्च गाइड बन सकेंगे। इस मामले को लेकर पीयू प्रशासन जल्द ही कुछ संशोधन करेगा। यह मुद्दा शुक्रवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर और चेयरपर्सन की मीटिंग में दी गई।
इस मौके पर पीयू चीफ विजिलेंस ऑफिसर प्रो.मीनाक्षी मल्होत्रा, डीयूआई प्रो. एके भंडारी, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो.परविंदर सिंह और रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्डा भी मौजूद थे। पीएचडी गाइड बनने के लिए पीयू प्रशासन द्वारा अभी तक सिर्फ चुनिंदा कॉलेज प्रोफेसर को ही अनुमति दी जाती है।
इस मामले में कुलपति ने एक कमेटी गठित करने के भी आदेश जारी किए हैं। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि कोई भी प्रोफेसर रिश्तेदार को पीएचडी नहीं करा सकता। इस संबंध में भी जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। डायरेक्टर रिसर्च प्रमोशन सेल और कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन इस संबंध में जल्द नियम तैयार करेंगे।
मीटिंग में पीयू चेयरपर्सन ने कुलपति के सामने कई मामले भी रखे। प्रो.ग्रोवर ने बताया कि जल्द ही इंडियन थियेटर से गांधी भवन तक ग्रीन बेल्ट को डेवलप किया जाएगा। मीटिंग में पूटा कार्यकारिणी के कुछ सदस्यों ने अपनी मांगों को रखा। पीयू में एनआरआई सीटों पर दाखिले को लेकर भी सवाल उठाए गए। कुलपति को इस मामले में नियमों में संशोधन की मांग की गई।
विभागों में ही होंगी फेयरवेल
पीयू कुलपति ने भविष्य में सभी विभागों की होने वाली फेयरवेल और फ्रेशर पार्टी के लिए लॉ ऑडिटोरियम नहीं देने का आदेश दिया है। कुलपति के अनुसार सभी विभागों में ही इस तरह के आयोजन किए जाएं। कई बार लॉ ऑडिटोरियम का फर्नीचर टूटने की शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है।
डॉ. दीपक ताइवान में देंगे लेक्चर
पीयू स्थित डिपार्टमेंट ऑफ केमिस्ट्री के डॉ. दीपक के सालुंके ताइवान में होने वाली इंटरनेशनल वर्कशॉप में लेक्चर देंगे। डॉ. दीपक को डिजाइन एंड डेवलेपमेंट ऑफ ह्यूमन टीएलआर 2 पर लेक्चर देने के लिए ट्रेवल ग्रांट दी गई है।