पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से चल रही 300 हैल्पर्स की भर्ती पर विवाद के बाद टेस्ट का शेड्यूल स्थगित कर दिया गया है।
पीयू प्रशासन ने अस्थायी तौर पर नियुक्त किए जाने वाले हैल्परों की योग्यता में इंटरव्यू के साथ फिजिकल टेस्ट भी शामिल कर लिया है। जबकि अभी तक सिर्फ सिक्योरिटी गार्ड के लिए ही फिजिकल टेस्ट लिया जाता था।
पीयू नॉन टीचिंग एसोसिएशन ने पीयू प्रशासन की ओर से मनमाने ढंग से हेल्परों की नियुक्ति करने पर आवाज उठाने का फैसला लिया है।
पीयू प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही हेल्परों के तीन सौ पदों को भरने के लिए शार्टलिस्ट कैंडिडेट्स को फिजिकल टेस्ट के लिए 30 अप्रैल को पीयू के मैन स्पोर्ट्स ग्राउंड में सुबह 7.30 बजे पहुंचने का नोटिस जारी किया था।
55 साल में प्रमोशन के लिए देना होगा टेस्ट
पंजाब यूनिवर्सिटी में अब प्रमोशन के लिए अधिकारिक स्तर पर भी टेस्ट देना होगा। जानकारी के अनुसार 25 से 30 साल की नौकरी कर चुके कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए लिखित टेस्ट देना होगा। नॉन टीचिंग एसोसिएशन प्रधान दीपक कौशिक ने कहा कि असिस्टेंट रजिस्ट्रार पद पर प्रमोशन के लिए 55 साल के कर्मचारियों का टेस्ट लेना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि पीयू प्रशासन के कुछ अधिकारी मामले में मनमर्जी कर रहे हैं।
फिजिकल टेस्ट जरूरी किया
पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा 300 हैल्पर की नियुक्ति में फिजिकल फिटनेस अनिवार्य करने पर विवाद काफी बढ़ गया। नॉन टीचिंग कर्मचारियों के कड़े विरोध के चलते 30 अप्रैल को होने वाले फिजिकल फिटनेस और इंटरव्यू को स्थागित कर दिया है। पीयू प्रवक्ता के अनुसार प्रशासनिक कारणों से शेड्यूल बदला गया है। नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
हैल्पर की नियुक्ति के लिए पीयू में पहले कभी फिजिकल टेस्ट नहीं लिया गया। पीयू पहली बार मनमाने ढंग से नए नियम बना रहा है। एक मई से नॉन टीचिंग एसोसिएशन पीयू प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
-दीपक कौशिक, प्रेसिडेंट पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एसोसिएशन