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डीजल के रेट घटे, स्कूल बस का किराया बढ़ा

Fri, 03 Apr 2015 12:24 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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स्कूल बस के नाम पर भी देहरादून के निजी स्कूल जमकर लूटपाट कर रहे हैं। हर साल डीजल के बढ़ते दामों का हवाला देने वाले निजी स्कूलों ने इस साल दाम घटने के बावजूद बस का किराया बढ़ा दिया है।
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बस में आने वाले हर बच्चे से महज कुछ किलोमीटर के सफर के लिए हर महीने तीन हजार रुपये तक वसूल लिए जाते हैं। स्कूलों ने इस साल भी औसतन 500 से 1000 रुपए की बढ़ोतरी स्कूल बस के किराए में की है।

चौंकाने वाली बात यह है कि गर्मियों या सर्दियों की छुट्टियां पड़ने के बावजूद अभिभावकों से बस का किराया वसूला जाता है। बीते एक साल में डीजल के दामों में 5.71 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है। एक अप्रैल 2014 को डीजल के दाम 59.27 रुपए प्रति लीटर थे।
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जबकि, 2 अप्रैल 2015 को कीमत 53.56 रुपए रही। बावजूद इसके निजी स्कूलों ने स्कूल बस के किराए में कोई कटौती नहीं की है। अभिभावकों की मांग है कि स्कूल बस का शुल्क तय करने के मामले में भी नियम बनना चाहिए।

ऋषिकेश में भी बनेगी एसोसिएशन
निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एकजुटता का सिलसिला जारी है। ऑल उत्तराखंड पैरेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में अब ऋषिकेश में भी पैरेंट्स एसोसिएशन का गठन किया जाएगा।

ऑल उत्तराखंड पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सिंघल ने बताया कि ऋषिकेश के अभिभावक भी निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि अभिभावकों ने उनसे निशुल्क सदस्यता फार्म प्राप्त कर लिए हैं। शुक्रवार को एसोसिएशन का गठन किया जाएगा।

राज्यपाल से मिलेंगे
ऑल उत्तराखंड पैरेंट्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को राज्यपाल डा. केके पॉल से मिलेगा। एसोसिएशन की ओर से राज्यपाल को निजी स्कूलों की लगातार बढ़ती जा रही मनमानी और आरटीई के हो रहे उल्लंघन से अवगत कराया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल की ओर से राज्यपाल से निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगवाने की मांग की जाएगी।

सीजेएम में युवा सेना का हंगामा
दो दिन पहले सेंट जोजेफ्स एकेडमी में प्रदर्शन करने के बाद गुरुवार को युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने महानगर अध्यक्ष हरिंदर सिंह बेदी के नेतृत्व में कांवेंट आफ जीसस एंड मैरी (सीजेएम) में हंगामा किया।

न्होंने मांग की कि निजी स्कूलों खुद शुल्क न बढ़ाएं। इसके अलावा किसी भी अभिभावक को किताबें खरीदने को किसी एक दुकान पर जाने को बाध्य न किया जाए। स्कूल प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि वह अभिभावकों पर किताबें किसी दुकान विशेष से खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा।
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हरिंदर सिंह ने बताया कि सीजेएम और सेंट जोजेफ्स एकेडमी की ओर से जल्द ही इस संबंध में नोटिस चस्पा करने का आश्वासन दिया गया है।
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