पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की नवगठित सिंडीकेट की नववर्ष 2014 में पहली बैठक हुई। इसमें कई फैसले लिए गए।
बैठक में फैसला लिया गया कि पीयू के लॉ विभाग के प्रोफेसर पीसी जसवाल को पीयू प्रशासन दोबारा से पत्र भेजकर 10 फरवरी से पहले डीयूआई के पद पर ज्वाइन करने को कहेगा।
सिंडीकेट बैठक में फैसला लिया गया कि अगर प्रो. जसवाल ज्वाइन नहीं करते हैं तो डीयूआई का पद प्रो. एके भंडारी को ऑफर किया जाएगा।
पीयू के वरिष्ठतम प्रोफेसर को ही डीयूआई नियुक्त करने की प्रथा है। लॉ विभाग के प्रोफेसर पीसी जसवाल वरिष्ठतम प्रोफेसर हैं। लेकिन, प्रो.जसवाल कुछ वर्षों से अवकाश पर चल रहे हैं।
पीयू से अवकाश लेकर उन्होंने पटियाला स्थित राजीव गांधी लॉ यूनिवर्सिटी के वीसी के पद पर ज्वाइन किया है। पीयू ने इससे पहले भी प्रो. जसवाल को पत्र भेजा था।
प्रो. जसवाल का जवाब न आने पर पीयू के रजिस्ट्रार प्रो. एके भंडारी को 1 दिसंबर से डीयूआई का अतिरिक्त कार्यभार दिया था क्योंकि वरिष्ठता सूची में प्रो. जसवाल के बाद प्रो. भंडारी का नंबर है।
ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अगर प्रो. जसवाल नहीं आते हैं और प्रो. भंडारी को डीयूआई के पद पर ज्वाइन करना पड़ सकता है तो रजिस्ट्रार का पद खाली हो जाएगा।