प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करना महंगा हो सकता है। निजी शिक्षण संस्थानों का फीस स्ट्रक्चर दोबारा तय करने के लिए शिक्षा विभाग ने कसरत शुरू कर दी है। हर दो साल बाद हिमाचल में निजी विश्वविद्यालयों की फीस समीक्षा होती है।
इस समीक्षा बैठक में प्रदेश भर के निजी विश्वविद्यालय प्रबंधनों की सिफारिशों पर चर्चा की जाती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान की अध्यक्षता में यह बैठक जल्द होगी। प्रदेश सरकार के पास इस बैठक के लिए कई निजी विश्वविद्यालय प्रबंधनों ने अपनी सिफारिशें भेज दी हैं।
कई शिक्षण संस्थान जहां पुरानी फीस को बढ़ाने के पक्ष में हैं तो कई प्रबंधन छात्रों की कम संख्या को देखते हुए फीस घटाना भी चाहते हैं। बैठक में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी भाग लेंगे। गहन चिंतन के बाद आने वाले दो सालों के लिए फीस स्ट्रक्चर तय किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में छात्रों की संख्या कम होने के चलते कई कोर्स चलाना प्रबंधन के लिए मुश्किल हो गए हैं। दूसरे राज्यों में फीस कम होने की वजह से छात्र हिमाचल से बाहर जा रहे हैं। इसको देखते हुए फीस कम करने की भी वकालत की गई है।