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'बच्चों को सुनाना ही होगा मोदी का भाषण'

Tue, 02 Sep 2014 03:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षक दिवस पर देश भर के बच्चों से रूबरू होंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पूरी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे पीएम का भाषण सुनें। इसके लिए सभी राज्यों को निर्देश जारी किए गए हैं।
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पंजाब के स्कूलों में भी नमो-नमो की तैयारी शुरू कर दी गई है। डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन जीके सिंह ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी बच्चे पीएम का भाषण सुनें।

प्रधानमंत्री का भाषण दूरदर्शन और रेडियो द्वारा दोपहर ढाई से शाम 4.45 बजे तक प्रसारित किया जाएगा। डीईओ से कहा गया है कि वे अपने जिले के सभी सीबीएसई, आदर्श, मॉडल, एडेड, प्राइवेट और पंचायती राज के स्कूलों को इस बारे में हिदायत दें।
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सरकारी-निजी स्कूली बच्चे साथ बैठकर सुनेंगे

सभी सरकारी व निजी स्कूलों में बच्चे इकट्ठे बैठकर पीएम का भाषण सुनेंगे। जिन स्कूलों में एजुसेट और आईसीटी लैब हैं, वहां बड़ी स्क्रीन लगाई जाए। प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में टीवी, एंटेना, सेट टॉप बॉक्स व जनरेटर का प्रबंध किया जाए।

डीजीएसई ने सभी स्कूलों से यह ब्योरा मांगा है कि वे भाषण दिखाने के लिए क्या प्रबंध करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में पंचायती राज समेत करीब 29 हजार स्कूल हैं। जिनमें तीन हजार स्कूलों में एजुसेट लैब है, इनमें ज्यादातर सीनियर सेकेंडरी और कुछ हाईस्कूल हैं। यहां एजुसेट के जरिए भाषण दिखाया जाएगा।

सीनियर सेकेंडरी, हाई व मिडिल समेत 2800 स्कूलों में कंप्यूटर लैब है। इनमें यू-ट्यूब के जरिए भाषण दिखाने का इंतजाम किया गया है। चार सौ स्कूलों में रेडियो द्वारा भाषण सुनाया जाएगा। बाकी 22,800 स्कूलों में बच्चे टीवी पर प्रधानमंत्री को सुनेंगे। शिक्षा विभाग जोर-शोर से तैयारियों में जुट गया है।
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पावर कट पर रोक का आदेश संभव

पंजाब के ग्रामीण इलाकों में पावर कट बड़ी समस्या है। प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान बिजली जाने से सरकार की किरकिरी हो सकती है। इसे देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि सरकार पावरकॉम को निर्देश देगी कि भाषण के दौरान पंजाब में पावर कट न लगाया जाए। शिक्षा विभाग भी इसके लिए पूरी कोशिश कर रहा है।
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